द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 15 मई : देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शुक्रवार को पेट्रोल 3.14 रुपये और डीजल 3.11 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया। नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.91 रुपये और डीजल 90.78 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। तेल कंपनियों की ओर से जारी नई कीमतों के बाद
विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ तीन रुपये की बढ़ोतरी का मामला नहीं, बल्कि लगातार बढ़ती महंगाई का बोझ है जो आम लोगों पर पड़ रहा है।
ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला माना जा रहा है। पेट्रोल और डीजल महंगा होने के बाद परिवहन खर्च बढ़ने की आशंका है। इसका असर सब्जियों, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। खासकर रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा पड़ने की बात कही जा रही है।
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में केंद्र सरकार पर बड़े उद्योगपतियों के हित में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल महंगा होने से सबसे ज्यादा परेशानी आम जनता को होती है, लेकिन सरकार लोगों की दिक्कतों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से जनता लगातार महंगाई का दबाव झेल रही है, जबकि सरकार की तरफ से इसके पीछे की वजहों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा।
