द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 21 मई : पिछले हफ्ते राहत के बाद मौसम ने फिर करवट ले ली है। अब तेज धूप के साथ उमस भरी गर्म हवाओं यानी लू का असर बढ़ने लगा है। सुबह आठ-नौ बजे के बाद से ही घर से बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के संकेत दिये हैं।
लोगों का कहना है कि सुबह और शाम थोड़ी राहत है, लेकिन दिन चढ़ते ही गर्मी असहनीय हो जा रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से दोपहर में जरूरी होने पर ही बाहर निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की अपील की है।
*विजय कुमार :
जलान हाई स्कूल पटना सिटी के शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि इस तेज गर्मी और लू में जनगणना कार्य करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। घर-घर जाकर जानकारी जुटानी पड़ती है, जिससे धूप में लगातार चलना पड़ता है। कई बार दूर-दराज इलाकों में पीने का पानी और छांव की भी समस्या रहती है। लंबे समय तक क्षेत्र में रहने से थकान और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही स्कूल की जिम्मेदारियों और जनगणना कार्य के बीच संतुलन बनाना भी शिक्षकों के लिए कठिन हो जाता है।
*रानी देवी,
गृहणी अंशू इंक्लेव जगदेव पथ
राजा बाजार :
तेज धूप और लू का सबसे ज्यादा असर गृहणियों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। सुबह से ही बढ़ती गर्मी के कारण रसोई में काम करना मुश्किल हो गया है। कई महिलाओं को सिरदर्द, थकान, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो रही हैं। बाजार और घरेलू जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में भी परेशानी बढ़ी है। बिजली कटौती और पानी की कमी से दिक्कतें और बढ़ रही हैं। गृहणियां बच्चों और बुजुर्गों को लू से बचाने के लिए खानपान में बदलाव कर रही हैं तथा अधिक पानी, छांछ और ठंडे पेय पदार्थों का उपयोग बढ़ा दिया है।
*नागेश्वर प्रसाद
एडवोकेट पटना सिविल कोर्ट :
नागेश्वर प्रसाद ने बताया कि वकालत पेशे से जुड़े लोगों को बहुत मुसीबत है, क्योंकि हमारे पेशे के लोगों पर इसका असर तेज धूप और लू का असर
साफ दिखाई दे रहा है। कोर्ट परिसर में आने-जाने, लंबी बहस और लगातार भागदौड़ के कारण अधिवक्ताओं को थकान, सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्याएं हो रही हैं। दोपहर के समय अदालतों और कचहरी परिसर में लोगों की संख्या भी कम हो रही है। कई वकील जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौट रहे हैं। गर्मी के कारण कामकाज की गति पर भी असर पड़ा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी में सावधानी, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव बेहद जरूरी हो गया है।
* मोइनुल हक स्टेडियम स्थिति बैजू जनरल स्टोर के विक्रेता मोनू ने बताया कि तेज धूप और लू के कारण इन दिनों दुकानदारी पर बुरा असर पड़ रहा है। सुबह के बाद जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, बाजार में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो जाती है। खासकर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक दुकान पर ग्राहक न के बराबर पहुंच रहे हैं। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। विक्रेता ने कहा कि लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शाम ढलने और मौसम थोड़ा सामान्य होने के बाद ही बाजार में रौनक लौटती है और दुकानदारी शुरू हो पाती है।
* प्लंबर मिस्त्री धर्मेश ने कहा कि भीषण गर्मी में प्लंबर का काम करने वाले मजदूरों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की टंकियों और पाइपलाइन का काम अधिकतर छतों और खुली जगहों पर होता है, जहां तेज धूप और तपती कंक्रीट के बीच घंटों काम करना पड़ता है। धूप में पीभीसी और प्लास्टिक पाइप अत्यधिक गर्म हो जाते हैं, जिससे उन्हें जोड़ने और केमिकल लगाने में परेशानी होती है। लगातार पसीना निकलने से पानी की कमी, चक्कर और लू लगने का खतरा बना रहता है। वहीं बाथरूम, शाफ्ट और बंद जगहों में उमस के कारण दम घुटने जैसी स्थिति हो जाती है। गर्म औजारों से काम करना भी मुश्किल बन जाता है।भीषण गर्मी से निपटने को पटना प्रशासन सतर्क, 400 स्थानों पर प्याऊ और 15 आश्रय स्थल शुरू
लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। ज़िलाधिकारी पटना के निर्देश पर जिले के 17 नगर निकायों एवं 26 अंचलों में आम लोगों के लिए विशेष पेयजल व्यवस्था की गई है। सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों, हाट-बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में राहगीरों, रिक्शा चालकों, श्रमिकों, दुकानदारों तथा आम नागरिकों के लिए नि:शुल्क प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं।
जिले में 17 नगर निकायों द्वारा कुल 400 स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए 15 आश्रय स्थलों का संचालन भी किया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने विभिन्न प्रखंडों में 46 चलंत चापाकल मरम्मति दल तैनात किए हैं, ताकि खराब चापाकलों की तत्काल मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेयजल का कोई संकट नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी चापाकलों को क्रियाशील रखने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। साथ ही भू-गर्भ जलस्तर की लगातार निगरानी भी की जा रही है। पेयजल एवं चापाकल संबंधी शिकायतों के लिए पीएचईडी पटना पूर्व (0612-2225796) और पटना पश्चिम (0612-2280879) के नियंत्रण कक्ष सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यरत हैं। जिला प्रशासन ने सभी सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बिना जरूरी काम के घर से बाहर नहीं निकलें, भीषण गर्मी और लू से बचाव को लेकर जिला प्रशासन की अपील
भीषण गर्मी और लू को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि लू के लक्षणों व बचाव के उपायों को लेकर समय-समय पर जन-जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोग सुरक्षित रह सकें।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी लें, हल्के कपड़े पहनें तथा धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें। साथ ही ‘‘क्या करें एवं क्या न करें’’ संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने को कहा गया है।
आपात स्थिति में लोग डायल 112, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र पटना (0612-2210118), 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष (0612-2219810/2219234), आपदा प्रबंधन विभाग के टॉल-फ्री नंबर 1070 तथा स्वास्थ्य विभाग हेल्पलाइन 104 पर संपर्क कर सकते हैं।
