द मीडिया टाइम्स डेस्क, 13 जून
International News : होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भारत में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें उन्होंने भारतीय जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया था। मालूम हो कि हाल ही में पलाऊ का झंडा लगे जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई। लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। भारत ने पहले भारत में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया, उसके बाद विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो को फोन लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। शनिवार को ईरान के दूतावास ने कहा कि ट्रंप के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इनका उद्देश्य लोगों का ध्यान हाल में भारतीय नाविकों को लेकर हुए घटनाक्रम से हटाना है। भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर अमेरिका ने तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई।
दूतावास ने अपने पोस्ट में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज को लेकर ईरान पर लगाया गया अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है। यह जनता का ध्यान उस क्रूर सच्चाई से हटाने की कोशिश है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया और तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की जान ले ली। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ईरान की प्रतिक्रिया, डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों का जवाब है। उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड स्वयं पुष्टि कर चुका था कि संबंधित हमले अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा किए गए थे। इसी वजह से ट्रंप के बयान पर सवाल भी उठे। ट्रंप के आरोपों से पहले ईरान ने ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की थी। इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन कार्रवाइयों को क्रूर करार देते हुए अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था।
उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की लगातार जारी सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं। हम मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और उनके मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा भारत की जनता और सरकार के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करते हैं।
