द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 18 मई : ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में 20 मई को बिहार भर की करीब 40 हजार दवा दुकानें बंद रहेंगी। इसमें राजधानी पटना की लगभग सात हजार दवा दुकानें भी शामिल हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा सोमवार को बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा जीएम रोड स्थित एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसन्न सिंह ने कहा कि ई-फार्मेसी के नाम पर कानून की आड़ में दवाओं की धड़ल्ले से ऑनलाइन बिक्री हो रही है। बिना भौतिक सत्यापन के चिकित्सकों के फर्जी पर्चों का इस्तेमाल कर दवाओं की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां दवा दुकानदारों के लिए नशीली दवाओं की बिक्री पर कड़े नियम लागू हैं, वहीं ऑनलाइन माध्यम से ऐसी दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि ड्रग एक्ट के तहत जो नियम पारंपरिक दवा दुकानों पर लागू हैं, वही ऑनलाइन दवा बिक्री पर भी लागू किए जाएं। इसी मांग को लेकर 19 मई की रात 12 बजे से 20 मई की रात 12 बजे तक राज्यभर की दवा दुकानें बंद रखी जाएंगी।
इमरजेंसी और अस्पतालों के आसपास की दुकानें खुली रहेंगी
एसोसिएशन के महासचिव प्रभाकर कुमार ने बताया कि दवा लोगों की आपात जरूरत से जुड़ी वस्तु है। इसे देखते हुए नर्सिंग होम और अस्पतालों के आसपास स्थित दवा दुकानों को बंद से अलग रखा गया है। ऐसी दुकानें सामान्य रूप से खुली रहेंगी।
वहीं एसोसिएशन के पदाधिकारी अमर वर्मा और तरुण कुमार ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण एंटीबायोटिक और नारकोटिक दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे नकली और गलत तरीके से स्टोर की गई दवाओं की खपत भी बढ़ रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो आगे अनिश्चितकालीन बंद का निर्णय भी लिया जा सकता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
