पटना में आगामी 26 मई से कासा पिकोला कॉरपोरेट क्रिकेट स्कूल लीग का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को कासा पिकोला रेस्टोरेंट में लीग की ट्रॉफी का अनावरण एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के जनप्रतिनिधियों, खेल जगत से जुड़े पदाधिकारियों और आयोजकों की उपस्थिति रही।
ट्रॉफी का अनावरण शाहपुर के विधायक राकेश ओझा, बिहार प्लेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी, वार्ड पार्षद डॉ. इंद्रदीप चंद्रवंशी, टर्निंग प्वाइंट के निदेशक विजय शर्मा, कासा पिकोला रेस्टोरेंट के प्रबंध निदेशक राजेश शर्मा, प्रो. शशिकांत प्रसाद पासवान, सतीश राजू, भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ के संयोजक एवं पूर्व वरीय क्रिकेटर सौरभ चक्रवर्ती तथा विकास कुमार गोल्डी ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लीग का उद्देश्य पटना जिले में स्कूली स्तर पर उभरती प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, ताकि वे अपने कौशल को निखार सकें और भविष्य में बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
रेस्टोरेंट के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि यह लीग केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बिहार के युवा क्रिकेटरों के लिए अवसरों का द्वार है। वहीं आयोजन सचिव सह सरदार पटेल स्पोर्ट्स फाउंडेशन के महासचिव नवीन कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता की खासियत यह है कि इसमें केवल पटना जिले के स्कूलों के खिलाड़ी ही भाग ले रहे हैं, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
लीग में अंडर-12 और अंडर-15 दो आयु वर्गों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। दोनों वर्गों में चार-चार टीमें भाग लेंगी, जिससे प्रतियोगिता के रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक होने की पूरी उम्मीद है।
आयोजन की एक विशेषता यह भी होगी कि सभी मैच सफेद गेंद और रंगीन किट में खेले जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को पेशेवर क्रिकेट जैसा अनुभव प्राप्त होगा। आयोजन समिति का मानना है कि इस व्यवस्था से खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना और खेल के प्रति गंभीरता बढ़ेगी।
प्रतियोगिता के दौरान विजेता और उपविजेता टीमों के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं में प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई गई है।
कुल मिलाकर, यह लीग न केवल स्कूली क्रिकेट को नई दिशा देने की पहल है, बल्कि बिहार में खेल प्रतिभाओं को उभारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भी देखी जा रही है।
