हेमंत मोहन | पटना, 4 मई 2026
पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद जहां सियासी हलचल तेज है, वहीं बिहार में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को चौंका दिया। सोमवार की शाम करीब चार बजे से राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बादल गर्जन और बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिसने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
राजधानी पटना, दानापुर और खगौल समेत आसपास के इलाकों में अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही मिनटों में तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। कई स्थानों पर आंधी इतनी प्रबल थी कि पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर पड़ीं, जिससे आवागमन बाधित हो गया।
अचानक बदले मौसम ने बाजारों में भी अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। लोग जहां थे, वहीं बारिश और तेज हवा से बचने के लिए सुरक्षित स्थान तलाशते नजर आए। खुले में कारोबार कर रहे छोटे दुकानदारों और ठेला-व्यवसायियों को विशेष रूप से नुकसान उठाना पड़ा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव मौसमी गतिविधियों का हिस्सा है और प्री-मानसून अवधि में इस तरह की आंधी-बारिश सामान्य मानी जाती है। हालांकि, आम लोगों के बीच इस अचानक बदलाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी देखने को मिलीं, जहां कुछ लोग इसे हालिया सियासी घटनाक्रम से जोड़कर भी देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, एक ओर जहां बंगाल के चुनावी नतीजों ने राजनीतिक माहौल को गर्म किया है, वहीं बिहार में मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को एक साथ राहत और परेशानी—दोनों का अनुभव कराया है।
