द मीडिया टाइम्स डेस्क

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती एक कैदी मरीज बाथरूम के ऊपर बने हिस्से से फरार होने की कोशिश कर रहा था। कैदी ने जिस हिस्से को मजबूत छत समझा, वह दरअसल कमजोर फॉल्स सिलिंग निकली। जैसे ही उसने उस पर पैर रखा, पूरी सिलिंग भरभराकर टूट गई और वह सीधे नीचे आ गिरा। हादसे में कैदी घायल हो गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद मरीजों और परिजनों में दहशत फैल गई। लोगों का कहना था कि अगर इसी तरह फॉल्स सिलिंग टूटती रही तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नए भवन में इतनी घटिया सामग्री का इस्तेमाल कैसे किया गया कि मामूली दबाव पड़ते ही सिलिंग टूट गई।
घटना ने पीएमसीएच की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी। अस्पताल में भर्ती एक कैदी का इस तरह भागने की कोशिश करना सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही को दर्शाता है। यदि कैदी भागने में सफल हो जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
मामले की सूचना मिलने के बाद पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन सिंह ने संबंधित अधिकारियों को कैदी मरीज के भागने और घायल होने की सूचना टीओपी प्रभारी को देने का निर्देश दिया है। हालांकि, लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद भवन निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हालांकि इस खबर की पुष्टि अस्पताल और top प्रभारी ने नहीं की है।
