पटना, 11 मई | विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आशा कार्यकर्ताओं का बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में पटना समेत राज्य के कई जिलों से हजारों आशा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। आंदोलन को लेकर संगठन की ओर से व्यापक तैयारी की गई है और बड़ी संख्या में महिलाओं के जुटने की उम्मीद है।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ता मानदेय बढ़ाने, लंबित भुगतान जारी करने, कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं देने और सेवा शर्तों में सुधार की मांग उठाएंगी। आंदोलनकारी सरकार से आशा कर्मियों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग करेंगी।
आंदोलन का नेतृत्व अमित कुमार मिश्रा सहित बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कई पदाधिकारी करेंगे। संगठन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का काम करती हैं। टीकाकरण अभियान, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
संघ के नेताओं का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं, जिससे आशा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि सरकार यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना स्थल पर पहुंचने वाली महिलाओं का कहना है कि कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कई आशा कार्यकर्ताओं ने समय पर भुगतान नहीं मिलने की शिकायत भी की है। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे जाने की भी संभावना है।
गर्दनीबाग में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। राजधानी पटना में सोमवार को होने वाले इस आंदोलन पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजर बनी हुई है।
