पटना, 10 मई | बिहार में TRE-4 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ रविवार को पटना समेत कई जिला मुख्यालयों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र पटना का जीपीओ गोलंबर रहा, जहां बड़ी संख्या में छात्र, नौजवान और संगठन के कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना था कि शिक्षक भर्ती और रोजगार की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना लोकतंत्र के खिलाफ है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जिन युवाओं के हाथों में आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी, आज उन्हीं युवाओं को अपराधियों की तरह पीटा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में कई अभ्यर्थी घायल हुए, कई के सिर फट गए और महिला अभ्यर्थियों के साथ भी गलत व्यवहार किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिहार में शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। इसके बावजूद सरकार बहाली प्रक्रिया तेज करने के बजाय आंदोलन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने भाजपा-जदयू सरकार पर रोजगार के मुद्दे पर विफल रहने का आरोप लगाया।
विरोध प्रदर्शन में के.डी. यादव, कमलेश शर्मा, जितेंद्र कुमार, कुमार दिव्यम, पुनीत पाठक, विनय कुमार, मुर्तजा अली, अनुराधा सिंह, सत्येंद्र कुमार, अभिषेक कुमार, नौशाद और आशा देवी सहित कई लोग मौजूद रहे।
भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए ने मांग की कि TRE-4 की वैकेंसी तुरंत जारी की जाए, अभ्यर्थियों की मांगों को जल्द पूरा किया जाए और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। साथ ही घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था करने की भी मांग की गई।
राजधानी पटना सहित कई जिलों में हुए इन प्रदर्शनों से साफ है कि TRE-4 भर्ती को लेकर युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है और यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
