द मीडिया टाइम्स डेस्क
बिहटा/पटना, 19 मई : बिहार के औद्योगिक विकास के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। बिहटा स्थित “प्रिस्टीन मगध ड्राई पोर्ट” में पहली बार विदेश से आयातित सामान की खेप सीधे पहुंची। इंडोनेशिया से पीवीसी कच्चा माल लेकर आए 45 कंटेनरों की पहली रैक बिहटा पहुंची, जहां सफलतापूर्वक कस्टम क्लियरेंस भी किया गया।
यह उपलब्धि बिहार और झारखंड के व्यापारिक क्षेत्र के लिए एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। अब तक दोनों राज्यों के कारोबारियों को विदेशों से आने वाले सामान के लिए कोलकाता या मुंबई जैसे समुद्री बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता था। वहां से कस्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान सड़क मार्ग से बिहार लाया जाता था, जिससे समय और लागत दोनों अधिक लगते थे।
समय और लागत में होगी भारी बचत : नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब विदेशी माल सीधे बिहटा ड्राई पोर्ट पहुंचेगा। इससे व्यापारियों को माल ढुलाई में समय की बचत होगी और परिवहन खर्च भी कम आएगा। उद्योग जगत का मानना है कि इससे बिहार में आयात-निर्यात कारोबार को नई गति मिलेगी।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ स्वागत : कोलकाता से चलकर बिहटा पहुंची इस पहली रैक का स्थानीय अधिकारियों और व्यापारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार तथा नारियल फोड़कर भव्य स्वागत किया। इसे बिहार के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
रोजगार और निवेश के खुलेंगे नए रास्ते : विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती दौर में हर महीने इंडोनेशिया और अन्य देशों से 4 से 5 रैक सीधे बिहटा पहुंच सकती हैं। इससे राज्य में विदेशी निवेश बढ़ने, नए उद्योग स्थापित होने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर बनने की संभावना है।
बिहार को मिलेगा बड़ा औद्योगिक फायदा: ड्राई पोर्ट के संचालन से बिहार से विदेशों में सामान भेजना भी आसान होगा। इससे राज्य के उद्योगपतियों और कारोबारियों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। सरकार और उद्योग जगत दोनों इसे बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।
