द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना,18 मई : पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बकाया संपत्ति कर की वसूली को लेकर व्यापक अभियान तेज कर दिया है। निगम के अनुसार शहर के कुल 63,816 संपत्तिधारकों द्वारा अब तक करीब 65 करोड़ 60 लाख रुपये का संपत्ति कर जमा नहीं किया गया है। बढ़ते बकाये को देखते हुए निगम प्रशासन ने अब बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जिन संपत्तिधारकों पर एक लाख रुपये से अधिक का कर बकाया है, उन्हें डिमांड नोटिस भेजा जा रहा है। यह नोटिस अंतिम चेतावनी के रूप में माना जाएगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर कर जमा नहीं करने पर बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 155 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत बैंक खाते और संपत्ति की कुर्की-जब्ती, चल-अचल संपत्ति की नीलामी समेत अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक करने पर भी निगम विचार कर रहा है।
निगम द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान में 685 ऐसे बड़े बकायेदारों की पहचान की गई है, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का कर बकाया है। वहीं 5 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले लोगों से कंट्रोल रूम के माध्यम से संपर्क कर जल्द भुगतान करने की अपील की जा रही है।
अंचलवार आंकड़ों में नूतन राजधानी अंचल में सबसे अधिक 16.65 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि बांकीपुर और पाटलिपुत्र अंचल में भी बड़ी राशि लंबित है।
अंचलवार बकाया कर की स्थिति*
• नूतन राजधानी अंचल : 11,327 संपत्तिधारकों पर कुल 16,65,57,166 रुपये बकाया
• बांकीपुर अंचल : 7,780 संपत्तिधारकों पर कुल 15,13,35,791 रुपये बकाया
• पाटलिपुत्र अंचल : 17,328 संपत्तिधारकों पर कुल 14,88,13,046 रुपये बकाया
• कंकड़बाग अंचल : 8,959 संपत्तिधारकों पर कुल 8,67,26,680 रुपये बकाया
• अजीमाबाद अंचल : 11,838 संपत्तिधारकों पर कुल 7,07,67,382 रुपये बकाया
• पटना सिटी अंचल : 6,584 संपत्तिधारकों पर कुल 3,17,06,424 रुपये बकाया।
निगम लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है और नागरिकों से समय पर संपत्ति कर जमा कर नगर विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की है।
