द मीडिया टाइम्स डेस्क
मुंगेर । बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रही गंगा पथ परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाग लिया। बैठक में मुंगेर (सफियाबाद)–बरियारपुर–घोरघट–सुलतानगंज गंगा पथ तथा सुलतानगंज–भागलपुर–सबौर गंगा पथ परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गति और शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिले और लोगों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। समीक्षा के दौरान परियोजनाओं की तकनीकी प्रगति, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय पहलुओं और संसाधनों की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान मुंगेर स्थित विश्व प्रसिद्ध बिहार योग विद्यालय का भी उल्लेख किया गया, जो गंगा तट पर स्थित एक प्रमुख आध्यात्मिक और योग संस्थान है। वर्ष 1964 में स्वामी सत्यानंद सरस्वती द्वारा स्थापित यह संस्थान देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर योग, ध्यान, प्राणायाम और आध्यात्मिक शिक्षा के लिए अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां नियमित रूप से योग प्रशिक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (Teacher Training Courses) और विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिनमें देश-विदेश से लोग भाग लेते हैं।
बैठक के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि गंगा पथ परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और सांस्कृतिक धरोहर—दोनों को समान महत्व देते हुए योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, ताकि बिहार को समग्र विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
