द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना । बिहार में लंबित यातायात चालान मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे को लेकर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार, 5 मई 2026 को प्राधिकरण के कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर विस्तृत रणनीति और कार्ययोजना साझा की गई।
यह पहल माननीय पटना उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद और अधिक गति पकड़ चुकी है। न्यायालय की खंडपीठ—जिसमें माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति श्री हरीश कुमार शामिल थे—ने सिविल रिट क्षेत्राधिकार वाद संख्या 20071/2025 (रानी @ रानी तिवारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) में पारित आदेश के तहत लंबित चालान मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को सरल, सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच है। उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में यातायात चालान से जुड़े मामले लंबित हैं, जिन्हें लोक अदालत के माध्यम से रियायती जुर्माने और सरल प्रक्रिया के जरिए जल्द निपटाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए चालान मामलों की व्यवस्थित पहचान और वर्गीकरण किया जा रहा है, जिसमें 90 दिनों से अधिक लंबित मामलों और हाल ही में जारी चालानों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाएगा। साथ ही, सभी संबंधित अभिलेखों को लोक अदालत से पहले न्यायालयों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निपटारे में किसी प्रकार की बाधा न आए।
प्राधिकरण द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक चालान की अद्यतन स्थिति डिजिटल प्रणाली में सही रूप से प्रदर्शित हो और रियायती जुर्माने की गणना स्वतः उपलब्ध हो सके। अधिकृत अधिकारियों को रियल-टाइम डाटाबेस तक पहुंच देने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे मौके पर ही सत्यापन और मामलों का निपटारा संभव हो सके।
वाहन स्वामियों को लक्षित रूप से नोटिस जारी कर चालान का पूरा विवरण, मूल जुर्माना, रियायती राशि तथा लोक अदालत की तिथि और स्थान की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही टेलीफोन, व्हाट्सएप और एसएमएस जैसे माध्यमों से व्यापक सूचना प्रसार किया जाएगा। जन-जागरूकता के लिए पेट्रोल पंप, पार्किंग स्थल और DTO कार्यालय जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जाएंगे, जबकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी अभियान चलाया जाएगा।
लोक अदालत स्थलों पर सहायता एवं समन्वय डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां पैरा लीगल वॉलंटियर्स, पैनल अधिवक्ता और विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहकर लोगों की सहायता करेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन प्रणाली, अलग-अलग काउंटर और मार्गदर्शन हेतु डिस्प्ले बोर्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य परिवहन विभाग द्वारा सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को “एकमुश्त यातायात चालान निपटारा योजना, 2026” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, वहीं पुलिस प्रशासन को भी बेहतर समन्वय और सुचारू संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने लंबित यातायात चालान मामलों का सरल, त्वरित और सुलभ समाधान प्राप्त करें।
जारी कर्ता:
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA), पटना।
