पटना, 2 मई। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार शाम अचानक दिल्ली रवाना हुए, जहां उनके केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर अंतिम रूपरेखा तय की जा सकती है।
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित नीतीश कुमार के आवास पहुंचकर उनसे करीब 24 मिनट तक मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों के आवंटन और नए चेहरों को शामिल किए जाने को लेकर अटकलों का दौर जारी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा और उससे पहले नीतीश कुमार से मुलाकात को सस्पेंस खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के दौरान मंत्रियों की संभावित सूची, सहयोगी दलों के प्रतिनिधित्व और विभागीय संतुलन पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इधर, शनिवार को नीतीश कुमार भी राजनीतिक रूप से सक्रिय नजर आए। उन्होंने दिन में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव तथा पूर्व मंत्री अशोक चौधरी से भी मुलाकात की। इन बैठकों को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में सहयोगी दलों के बीच संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और अनुभव को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जा सकता है।
फिलहाल बिहार की राजनीति में सबकी नजर दिल्ली से आने वाले संकेतों और संभावित कैबिनेट विस्तार की घोषणा पर टिकी हुई है।
