
द मीडिया टाइम्स डेस्क, 30 मई
Introducing plastic notes : भारत में जल्द ही प्लास्टिक नोट देखने को मिल सकते हैं। रिजर्व बैंक आफ इंडिया (RBI) ने लगभग एक दशक पुराने प्रस्ताव को फिर से सक्रिय किया है। जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 के नोटों को परीक्षण के तौर पर जारी किया जा सकता है। आरबीआई के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले नोट छापने का खर्च बढ़कर ₹6,372.8 करोड़ हो गया जो पिछले वर्ष ₹5,101.4 करोड़ था। मालूम हो कि पिछले वित्त वर्ष में लगभग 23.8 अरब खराब नोटों को चलन से हटाना पड़ा। कम मूल्य वाले नोट सबसे जल्दी खराब होते हैं । प्लास्टिक नोट विशेष प्रकार के लचीले प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। ये सामान्य नोटों की तरह मोड़े जा सकते हैं, यह 3–4 गुना अधिक समय तक चलते हैं। पानी और नमी से कम खराब होते हैं। जल्दी नहीं फटते हैं। गंदगी कम पकड़ते हैं। नकली नोट बनाना अधिक कठिन होता है, क्योंकि इनमें उन्नत सुरक्षा फीचर लगाए जा सकते हैं। वर्तमान में दुनिया के 60 से अधिक देशों ने प्लास्टिक करेंसी अपनाई है। इनमें आस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, मलेशिया जैसे देश शामिल हैं। साल 2012 में केंद्र सरकार ने ₹10 के प्लास्टिक नोट का परीक्षण पांच शहरों में करने की मंजूरी दी थी। हालांकि एटीएम और तकनीकी चुनौतियों के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब आरबीआई का मानना है कि तकनीक में सुधार होने से वे समस्याएं काफी हद तक हल हो चुकी हैं।
