
द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 26 मई : बिहार विधान परिषद् की नौ सीटों पर मतदान के तारीख की घोषणा कर दी गई है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव होगा। यानी कुल 10 सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया होनी है।
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 खाली सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक रिक्त सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 18 जून को मतदान होगा तो उसी दिन देर शाम परिणाम भी जारी कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद सभी राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है और सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो चुका है। राज्य की राजनीति में इसे बड़े सियासी मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है, जहां हर दल अपनी रणनीति को नए सिरे से धार दे रहा है। इस चुनाव को सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर जबरदस्त रस्साकशी चल रही है। हर दल अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जुगत में है। 243 सदस्यीय विधानसभा में मजबूत संख्याबल के दम पर एनडीए लगभग 8 से 9 सीटों पर बढ़त की स्थिति में है, जबकि विपक्षी महागठबंधन किसी भी तरह एक सीट पर कब्ज़ा जमाने की रणनीति बना रहा है। सियासी हलकों में इसे आने वाले चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। विधान परिषद् चुनाव से पहले सबसे अधिक चर्चा दो बड़े नेताओं के बेटों की है। इनमें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का नाम शामिल हैं। दोनों मंत्री बनाए गए हैं। दोनों को लेकर चर्चा है कि इन्हें विधान परिषद् भेजने की तैयारी है।
