सीएम सम्राट ने की ऊर्जा विभाग की समीक्षा, बोले-आम जनता को राहत पहुंचाने को प्रतिबद्ध है राज्य सरकार, ग्रीन एंड क्लीन एनर्जी पर जोर

द मीडिया टाइम्स डेस्क

पटना, 25 मई : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में ऊर्जा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव ने प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से विभाग के कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभ, प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना, बीपीएल उपभोक्ताओं हेतु सोलराइजेशन प्लान, जीविका दीदियों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन योजना और पीएम कुसुम घटक योजना समेत आगामी भावी योजनाओं के रोडमैप को मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तार से रखा। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य पारम्परिक बिजली पर निर्भरता को कम करना और राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को और अधिक बढ़ाना है, ताकि बिहार ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एंड क्लीन एनर्जी) को बढ़ावा देने के लिए एक समग्र योजना तैयार कर काम किया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी हिदायत दी कि राज्य में जहां कहीं भी पहले से सोलर पैनल लगाए गए हैं, उनके नियमित रखरखाव और मेंटेनेंस की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा की पहुंच को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जीविका समूह की सदस्यों को सोलर संयंत्र स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर संयंत्र की कार्यप्रणाली तथा इससे होने वाले आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। इससे ग्रामीणों में सौर ऊर्जा अपनाने के प्रति जागरूकता और लगाव बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नया बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने और इसके तहत अधिक से अधिक घरों को आच्छादित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि ‘कुटीर ज्योति योजना’ के अंतर्गत तय लक्ष्य के मुताबिक 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के परिसरों में सोलर संयंत्र स्थापित करने के काम को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। इसके साथ ही, कृषि कार्यों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक कृषि फीडरों के सोलराइजेशन (सौरकरण) को बढ़ावा देने की बात कही।

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