द मीडिया टाइम्स डेस्क
12 मई, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंगलवार को अचानक जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचने से राजधानी पटना की राजनीतिक हलचल तेज हो गई। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस दौरे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चौंका दिया। उस समय पार्टी कार्यालय में मंत्रियों का साप्ताहिक जनता दरबार चल रहा था।
नीतीश कुमार सीधे जनसुनवाई हॉल में पहुंचे, जहां मंत्री शीला कुमारी आम लोगों की शिकायतें सुन रही थीं। मुख्यमंत्री ने जनता दरबार की पूरी व्यवस्था का जायजा लिया और मंत्री से बातचीत करते हुए लोगों की समस्याओं के त्वरित और गंभीर निपटारे पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के जदयू कार्यालय पहुंचते ही वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह साफ दिखाई दिया। पार्टी कार्यालय “नीतीश कुमार जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। लंबे समय बाद पार्टी मुख्यालय में इस तरह की हलचल और सक्रियता देखने को मिली।
जनता दरबार के दौरान अधिकारियों को मौके पर ही शिकायतों के निपटारे के निर्देश दिए जा रहे थे। इसी बीच पहुंचे नीतीश कुमार कुछ देर तक पूरी व्यवस्था को ध्यान से देखते रहे। इस दौरान उन्होंने मंत्री शीला कुमारी से हल्के अंदाज में कहा, “अब सब कुछ वैसा हो गया है, जैसा आप चाहती थीं।” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा शुरू हो गई।
नीतीश कुमार ने जनता दरबार में पहुंचे कुछ लोगों से भी मुलाकात की। साथ ही पार्टी पदाधिकारियों से संगठन की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी ली। पार्टी के भीतर उनके इस अचानक दौरे को संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यालय से बाहर निकलते समय मीडिया ने उनसे बिहार की मौजूदा राजनीति और इस अचानक दौरे को लेकर सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने किसी भी राजनीतिक टिप्पणी से दूरी बनाए रखी। उन्होंने केवल इतना कहा, “सब काम ठीक चल रहा है,” और मुस्कुराते हुए वहां से रवाना हो गए।
