सम्राट चौधरी का नीतीश को सीधा संदेश, सरकार गुजरात यानी मोदी मॉडल से चलेगी, नीतीश मॉडल ने बिहार को भ्रष्टाचार और अपराध दिया है: राजदचार और अपराध दिया है: राजद

पटना, 2 मई। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में शुक्रवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरुण कुमार यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा, आरजू खान तथा अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता उपेंद्र चंद्रवंशी की उपस्थिति में राज्य सरकार, जदयू और भाजपा पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि बिहार में जदयू घबराहट और छटपटाहट की स्थिति में है। कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों को नहीं बुलाया गया। इससे उनकी उपेक्षा साफ दिखी। दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने इसकी शिकायत नीतीश कुमार से की, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से स्थिति पर सवाल किया।

शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कर दिया कि यह भाजपा की सरकार है और सरकार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के दिशा-निर्देश के अनुसार चलेगी। इसी बेचैनी में जलेबी मार्का वाले उपमुख्यमंत्री ने आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इससे साफ हो गया कि जनता दल यू को भाजपा ने कितना बेचैन कर दिया है।

उन्होंने कहा कि बिहार में 41,000 करोड़ रुपये खर्च करने वाली सरकार श्वेत पत्र जारी करे और खजाने की वास्तविक स्थिति बताए। उनके अनुसार सरकार की नीतियों के कारण बिहार में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति 27,000 रुपये का कर्जदार बन जाता है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में तीन सी का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। पहले सी का मतलब चेयर, दूसरे सी का मतलब क्राइम और तीसरे सी का मतलब करप्शन है। एनडीए सरकार इसी समझौते पर चल रही है। चौथा सी कम्युनलिज्म है, जिसे सरकार के स्तर से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके कारण बिहार में नफरत का माहौल बढ़ा है और लोगों को खंड-खंड में बांटने की नीति चल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में क्राइम के नाम पर जातीय विभेद पैदा किया जा रहा है। सरकार अपने कार्यों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है, क्योंकि बिहार में काम करने वाली सरकार नहीं है।

राजद नेता ने कहा कि जनता दल यू के नेता दावा करते हैं कि सरकार नीतीश के रास्ते पर चल रही है, जबकि सबको पता है कि भाजपा संघ के रास्ते पर चलती है। अपराध के मामले में नीतीश राज की स्थिति एनसीआरबी रिपोर्ट से स्पष्ट होती है। मुख्यमंत्री ने भी स्वीकार किया है कि गुंडों और अपराधियों को बढ़ावा दिया गया है।

शक्ति यादव ने कहा कि स्टेशन रोड से जिनकी राजनीति को लालू प्रसाद यादव ने मुकाम दिया, वही लोग मंत्री बनने के जुगाड़ में बयान दे रहे हैं। जिनके बारे में लोग कहते थे कि वे रंगा और बिल्ला की जोड़ी हैं, उनमें एक भाजपा को खुश करने में लगा है और दूसरा जदयू को। बिहार की जनता इनके कारनामों को अच्छी तरह जानती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार के हालात बद से बदतर हैं, लेकिन ये लोग इस पर एक शब्द नहीं बोलते। रामकृपाल यादव बताएं कि आरजेडी में वह गुंडों के सरदार थे?

राजद प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश की राजनीति फिनिश करने वाले कौन लोग हैं, यह सबको पता है। भाजपा के साथ राजनीति कर कमिटमेंट कमजोर किया गया है और इसका दोषी जनता दल यू है। तेजस्वी यादव पहले ही कह चुके हैं कि 25 से 30 नहीं रहेंगे। नीतीश को किस तरह भाजपा और भुंजा पार्टी ने मिलकर फिनिश किया, यह सामने आ गया है। जनता दल यू विचारों के आधार पर फिनिश हो चुकी है। अब लड़ाई भाजपा और राजद के बीच है।

राष्ट्रीय जनता दल का मानना है कि बिहार में पारदर्शिता के साथ अपराध और अपराधियों को समाप्त करने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन सत्ता संरक्षण में अपराधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और उन्हें खुली छूट मिली हुई है।

उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध को जातीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि अपराध और अपराधियों की कोई जात नहीं होती। बिहार में जिस तरह के कारनामे देखने को मिल रहे हैं, वैसे 2005 के पहले नहीं होते थे।

राजद नेता ने कहा कि बिहार शिक्षा, चिकित्सा और विकास के पैमाने पर निचले पायदान पर है। बिहार में अल्पसंख्यकों के अधिकार को नीतीश कुमार ने कमजोर किया है। मॉब लिंचिंग की घटनाओं में वृद्धि हुई है। जो आज अल्पसंख्यक हितैषी होने का दावा कर रहे हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए कि सराय रंजन की मॉब लिंचिंग घटना में किनके लोग थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनता दल यू ने वक्फ संशोधन विधेयक और एनआरसी के मामले में भाजपा का साथ देकर अल्पसंख्यकों के हक और अधिकार पर कुठाराघात किया। भाजपा के साथ मिलकर आरएसएस की विचारधारा को मजबूती दी गई। समझौता और समर्पण की राजनीति करने वाले जनता दल यू नेताओं को बताना चाहिए कि भाजपा और आरएसएस को बढ़ावा किसने दिया और भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में किनका हाथ है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह की नीतियों का खामियाजा नीतीश जी को भी भुगतना पड़ रहा है। आज बिहार में भाजपा के नेतृत्व में सरकार आ गई है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव हमेशा सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ तथा अल्पसंख्यकों के हित में मजबूती से खड़े रहे हैं। उन्होंने कभी विचारों से समझौता नहीं किया। सत्ता और स्वार्थ के लिए जिन्होंने समझौता किया है, उनके बारे में अल्पसंख्यक समाज अच्छी तरह जानता है। चाहे जितनी सफाई दी जाए, अल्पसंख्यक समाज उन पर विश्वास नहीं करेगा।

अंत में शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी ने स्वीकार किया है कि 20 वर्षों में लगभग 70 हजार हत्याओं की दोषी नीतीश के नेतृत्व वाली सरकार रही है। अपराध मुक्त बिहार बनाने का अकेले श्रेय लिया जा रहा है, जबकि अपराध चरम पर है। नीतीश सरकार ने 20 वर्षों में जातीय जहर बोया है। दलित को महादलित से, कुशवाहा को यादव से, कुर्मी को भूमिहार से लड़ाई लगाई गई है। इसे मिटाने की जरूरत है। तभी बिहार समृद्ध होगा। सम्राट का नीतीश को सीधा संदेश है कि सरकार गुजरात यानी मोदी मॉडल से चलेगी, जबकि नीतीश मॉडल ने बिहार को भ्रष्टाचार और अपराध दिया है।

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