लातेहार के चंदवा में UGC कानून के विरोध में स्वर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन, आंदोलन उग्र करने की चेतावनी

लातेहार/चंदवा।झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में आज स्वर्ण समाज ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रस्तावित UGC कानून के विरोध में सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।

चंदवा प्रखंड आज स्वर्ण समाज के नारों से गूंज उठा। स्वर्ण समाज की ओर से एक विशाल महासभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता समाज के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र वैद्य ने की। इस महासभा में चंदवा के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी समाज के विभिन्न वर्गों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में प्रस्तावित UGC कानून को शिक्षा व्यवस्था के लिए खतरनाक बताया।

महासभा को संबोधित करते हुए सुरेंद्र वैद्य ने केंद्र सरकार पर तीखे शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित UGC कानून शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही योग्यता आधारित प्रणाली को कमजोर करेगा। यह कानून सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने वाला है और इससे शिक्षा का स्तर गिरने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इस कानून से मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा, जिसे स्वर्ण समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि शिक्षा देश की रीढ़ है और उसमें बिना व्यापक चर्चा के बदलाव करना अनुचित है। वक्ताओं का कहना था कि सरकार को सभी समाजों, शिक्षाविदों और छात्र संगठनों से संवाद कर निर्णय लेना चाहिए, न कि एकतरफा कानून थोपना चाहिए।

विरोध प्रदर्शन के बाद स्वर्ण समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अंचल अधिकारी (CO) चंदवा को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि प्रस्तावित UGC कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए अथवा इसमें सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत संशोधन किया जाए।

स्वर्ण समाज के नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में है, लेकिन यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे चरणबद्ध तरीके से बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। चंदवा में हुई इस एकजुटता ने साफ कर दिया है कि स्वर्ण समाज शिक्षा और अपने अधिकारों को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।

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