शेख हसीना और उनके रिश्तेदारों को जेल की सजा

ढाका: बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने सोमवार को देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में स्थित पूर्बाचोल (Purbachal) राजुक न्यू टाउन प्रोजेक्ट में भूखंडों (प्लॉट्स) के आवंटन में की गई अनियमितताओं से संबंधित है।

चूँकि शेख हसीना 5 अगस्त, 2024 को सरकार गिरने के बाद से भारत में निर्वासित जीवन जी रही हैं, यह फैसला उनकी अनुपस्थिति (In absentia) में सुनाया गया है।

फैसले के प्रमुख बिंदु:

  • मुख्य सजा: ढाका की विशेष न्यायाधीश अदालत-4 के न्यायाधीश रबीउल आलम ने हसीना को सत्ता का दुरुपयोग कर अवैध रूप से प्लॉट आवंटित करने का दोषी पाया और उन्हें कुल 10 साल की सजा सुनाई।

  • रिश्तेदारों को सजा: अदालत ने शेख हसीना के परिवार के अन्य सदस्यों को भी अलग-अलग जेल की सजा दी है:

    • ट्यूलिप सिद्दीकी (ब्रिटिश सांसद और भतीजी): 4 साल की जेल।

    • रदवान मुजीब सिद्दीकी ‘बॉबी’ (भतीजा): 7 साल की जेल।

    • अजमीना सिद्दीकी (भतीजी): 7 साल की जेल।

  • जुर्माना: दोषी ठहराए गए सभी व्यक्तियों पर 1 लाख टका का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

मामला क्या था?

भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) द्वारा दर्ज किए गए इन मामलों के अनुसार, शेख हसीना ने अपने कार्यकाल के दौरान आधिकारिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए नियमों का उल्लंघन किया और अपने करीबियों को रिहायशी प्लॉट आवंटित किए। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों ने राजुक (Rajdhani Unnayan Kartripakkha) के नियमों के विरुद्ध जाकर दो 10-काठा के प्लॉट आवंटित करवाए थे।

वर्तमान स्थिति

शेख हसीना की पार्टी, अवामी लीग ने इन फैसलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और “पूर्वनिर्धारित” बताया है। वहीं, ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीकी ने इस प्रक्रिया को दोषपूर्ण करार देते हुए कहा है कि उन्हें इस मामले में कभी कोई समन या आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ

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