बिहार के Eco Tourism को मिलेगी नई पहचान।

बिहार के इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने सोमवार को “जू एंबेसडर” की शैक्षणिक यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दो दिवसीय यात्रा कैमूर और रोहतास जिलों के इको टूरिज्म स्थलों पर आयोजित की गई है, जहां प्रतिभागी प्रकृति संरक्षण और पर्यटन के विभिन्न पहलुओं को समझेंगे。 

यह कार्यक्रम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है। मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने इस अवसर पर कहा कि यह यात्रा न केवल बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक होगी, बल्कि इससे बिहार के इकोटूरिज्म स्थलों को भी नई पहचान मिलेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब बिहार से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस शैक्षणिक यात्रा में शामिल “जू एंबेसडर” अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा

करेंगे, जिससे इको टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार में बढ़ रहे इकोटूरिज्म स्थलों के प्रति जागरूकता फैलाना और यह प्रदर्शित करना है कि बिहार भी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर प्रदेश है। 

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.के. गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण निदेशक अभय कुमार, वन्यप्राणी अंचल पटना के वन संरक्षक सत्यजीत कुमार, और BPCL बिहार-झारखंड के एचआर मैनेजर नीतेश भारती समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

गौरतलब है कि “जू एंबेसडर” की शैक्षणिक यात्रा में शामिल बच्चे अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इको टूरिज्म (Eco Tourism) और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार में बढ़ रहे इकोटूरिज्म स्थलों के प्रति जागरूकता फैलाना और खूबसूरत पर्यटन स्थलों के बारे में अधिक से अधिक बताना है कि बिहार भी प्राकृतिक सौंदर्य से भरा प्रदेश 

स्लीप टूरिज्म (Sleep Tourism) इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह उन लोगों के लिए है जो रोजमर्रा की भागदौड़ और तनाव के कारण अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं। इस ट्रेंड में लोग ऐसे होटलों और रिसॉर्ट्स में जाते हैं, जहां उन्हें पूरी तरह रिलैक्स होने और अच्छी नींद लेने का अवसर मिलता है।

स्लीप टूरिज्म के फायदे।तनाव और चिंता कम होती है।शरीर की ऊर्जा और दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है।अच्छी नींद से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।मानसिक स्वास्थ्य में सुधार आता है।

आनंदा इन द हिमालयाज (उत्तराखंड, भारत)

ग, ध्यान, और आयुर्वेदिक थेरेपी के साथ शांत वातावरण में बेहतरीन नींद का अनुभव मिलता है।

शांती सोम्मेईल (फ्रांस)यहां वैज्ञानिक तरीके से नींद सुधारने के लिए स्पेशल स्लीप थेरेपी दी जाती है।

 नई-नई जगहों की खोज करना और जमकर एक्सप्लोर करना अक्सर पर्यटकों की लिस्ट में टॉप पर होता है। लेकिन, अगर हम आपसे कहें कि यात्रा सिर्फ नींद पूरी करने के उद्देश्य से की जाए तो शायद आपको थोड़ा सा अटपटा लग सकता है। हम बात कर रहे हैं स्लीप टूरिज्म की जो नया ट्रैवल ट्रेंड है और इसका उपयोग पर्यटक मानसिक तनाव को कम या दूर करने के लिए कर रहे हैं।

स्लीप टूरिज्म ट्रैवलिंग की नई एक्टिविटी है जिसे नैपकेशन्स या नैप हॉलीडेज के नाम से भी जाना जाता है। शहर की भागम-भाग और चिल्लम-चिल्ली से दूर खुद को रिचार्ज करने का ये बेहतर तरीका है। स्लीप टूरिज्म हमारे दिमाग को रिलैक्स करके मेंटल हेल्थ को दुरुस्त बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *