द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 15 मई : बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने विद्यालय अवधि के बाद जनगणना कार्य कराने के आदेश पर आपत्ति जताते हुए इसमें बदलाव की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष जयराम शर्मा ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र को ज्ञापन सौंपकर कहा कि यह आदेश विशेष रूप से महिला शिक्षिकाओं के लिए काफी कठिन और अव्यावहारिक साबित होगा।
ज्ञापन में कहा गया है कि भारत की जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के कार्य में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं को लगाया गया है। संघ ने कहा कि जनगणना कार्य राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसे बिहार के शिक्षक हमेशा गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निभाते रहे हैं। इससे पहले भी बिहार के शिक्षकों ने जातिगत सर्वेक्षण और मतदाता पुनरीक्षण जैसे कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
संघ ने कहा कि वर्तमान में विद्यालय प्रातःकालीन चल रहे हैं। ऐसे में महिला शिक्षिकाएं सुबह 3-4 बजे से उठकर घर और विद्यालय की जिम्मेदारियां निभाती हैं। विद्यालय के बाद देर शाम तक जनगणना कार्य करना उनके लिए अत्यंत कठिन होगा। संघ ने सवाल उठाया कि महिला शिक्षिकाएं अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां कब और कैसे पूरी करेंगी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बिहार सरकार हमेशा महिलाओं के हितों और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने की बात करती रही है, लेकिन वर्तमान आदेश महिला शिक्षिकाओं के लिए व्यवहारिक नहीं दिखता। शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से इस आदेश पर पुनर्विचार कर व्यवहारिक निर्णय लेने की मांग की है।
इस मौके पर कमलेश कुमार, आनंद मिश्रा, कुमारी विन्दु पांडे और गोविंदा कुमार समेत कई शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
