पश्चिम एशिया संकट : भारत की जनता के बीच डर फैला रहे हैं कुछ लोग, सीतारमण बोलीं- हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत

द मीडिया टाइम्स डेस्क :

पटना, 25 मई : वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत के कुछ लोग ही देश की जनता के बीच डर फैला रहे हैं। उन्हें ऐसा करने की बजाय लोगों में विश्वास जगाना चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच यह बड़ा बयान दिया है। वित्त मंत्री ने पश्चिम एशिया संकट के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया और एमएसएमई के विलंबित भुगतानों पर चिंता व्यक्त की। सीतारमण ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में कुछ लोग डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करने की बजाय लोगों में विश्वास जगाना चाहिए। वित्त मंत्री ने पश्चिम एशिया संकट के बीच अपनी उपलब्धियों को कम आंकने वालों पर भी टिप्पणी की।सीतारमण ने मुंबई में सिडबी के एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। उन्होंने बताया कि बाहरी कारकों से चुनौतियां होने के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था सकारात्मक और लचीली बनी हुई है। सरकार की नीतिगत प्रतिक्रिया को झटकों को सहने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अंतर्निहित विकास गति को बनाए रखना है। वित्त मंत्री ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कटौती से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। सीतारमण ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विलंबित भुगतानों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि एमएसएमई के 8.1 लाख करोड़ रुपये के भुगतान अटके हुए हैं। इससे उनकी कार्यशील पूंजी और वृद्धि प्रभावित हो रही है।
एमएसएमई को समय पर भुगतान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को 45 दिन की समय सीमा के भीतर भुगतान करें। यह कदम एमएसएमई को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। समय पर भुगतान से उनकी कार्यशील पूंजी की समस्या हल होगी। इससे छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

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