द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 15 मई। बिहार में खेती को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कृषि मंत्री विजय सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कृषि भवन, पटना में ‘बिहार कृषि ऐप’ की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसानों तक ऐप की पहुंच बढ़ाने, डिजिटल प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर युवा किसानों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। इन प्रशिक्षित युवाओं को “बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा” के रूप में पहचान दी जाएगी, जो गांव-गांव जाकर किसानों को ऐप के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं और विभागीय कर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऐप को अब हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ मगही, भोजपुरी, अंगिका और बज्जिका भाषाओं में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। साथ ही सबसे अधिक किसान पंजीकरण करने वाले पांच जिलों, पांच प्रखंडों और पांच पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि ‘बिहार कृषि ऐप’ की शुरुआत 19 मई 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ की गई थी। वर्तमान में ऐप पर करीब 11.50 लाख किसान पंजीकृत हैं, जबकि वर्ष 2026 के अंत तक 80 लाख किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इस ऐप के जरिए किसानों को उर्वरक उपलब्धता की रियल-टाइम जानकारी, सरकारी योजनाओं के लिए सिंगल विंडो सुविधा, बाजार भाव, मौसम चेतावनी, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एआई आधारित चैटबॉट और बिहार कृषि रेडियो जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। बैठक में कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
