PMCH में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन

द मीडिया टाइम्स डेस्क

पटना, 6 मई | पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) प्रशासन ने अस्पताल में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मियों की उपस्थिति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब अस्पताल के कर्मचारियों का वेतन और मानदेय केवल बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में अनुशासन बढ़ाना, फर्जी हाजिरी पर रोक लगाना और कार्यसंस्कृति में सुधार लाना है।

PMCH प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अस्पताल के सभी विभागाध्यक्ष, प्रभारी परिचारिका और स्वास्थ्य प्रबंधकों को अपने अधीन कार्यरत कर्मियों की मासिक उपस्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज उपस्थिति का मिलान करने के बाद ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के सभी कर्मचारियों पर लागू होगा, चाहे वे नियमित हों या संविदा पर कार्यरत। लेखापाल, स्थापना लिपिक और विपत्र लिपिक को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि विभागों से प्राप्त उपस्थिति विवरणी और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही भुगतान जारी किया जाए।

प्रशासन ने प्रभारी हवलदार, प्रभारी परिचारिकाओं, स्वास्थ्य प्रबंधकों और कंट्रोल रूम को भी आदेश के सख्ती से पालन की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं बायोमेट्रिक कक्ष से जुड़े कर्मियों को उपस्थिति डेटा की सटीकता बनाए रखने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अस्पताल प्रशासन के इस कदम को लंबे समय से मिल रही अनुपस्थिति और फर्जी हाजिरी की शिकायतों पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

हालांकि, इस फैसले के बाद चतुर्थ वर्गीय संघ के नेताओं ने सवाल भी उठाए हैं। संघ का कहना है कि यदि बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू की जा रही है तो इसे केवल तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। नेताओं ने मांग की है कि डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों पर भी यह नियम समान रूप से लागू हो, क्योंकि मरीजों की देखभाल में उनकी जिम्मेदारी सबसे अहम होती है।

PMCH में लागू की गई इस नई व्यवस्था को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह नियम अस्पताल की कार्यसंस्कृति और कर्मचारियों की उपस्थिति में कितना सुधार ला पाता है।

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