भारत ने 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट में 3.52 करोड़ डॉलर का योगदान दिया

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली,: भारत ने संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट में अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए वर्ष 2026 के लिए 3.52 करोड़ अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया है। यह योगदान संयुक्त राष्ट्र के शांति, विकास और बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूती देने की दिशा में भारत की निरंतर भागीदारी को रेखांकित करता है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि यह योगदान अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को सशक्त बनाने और विकासशील देशों की आवाज़ को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखने की भारत की नीति के अनुरूप है।

संयुक्त राष्ट्र का नियमित बजट संगठन के प्रशासनिक खर्चों, शांति स्थापना अभियानों के समर्थन, मानवाधिकार गतिविधियों, और विकास से जुड़े कार्यक्रमों के संचालन में उपयोग किया जाता है। सदस्य देशों से लिया जाने वाला यह अनिवार्य योगदान उनकी आर्थिक क्षमता के आधार पर तय किया जाता है। भारत, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के नाते, संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष योगदानकर्ता देशों में शामिल है।

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुधारों का समर्थन करता रहा है और विशेष रूप से सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की मांग करता आया है, ताकि समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं का बेहतर प्रतिनिधित्व हो सके। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय योगदान के साथ-साथ भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सैनिकों और पुलिस बल की तैनाती के माध्यम से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

भारत अब तक 50 से अधिक शांति मिशनों में भाग ले चुका है और हजारों भारतीय जवानों ने संयुक्त राष्ट्र के झंडे तले सेवा दी है। इसके अलावा भारत विकासशील देशों के लिए क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और मानवीय सहायता में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट में भारत का यह योगदान उसकी वैश्विक जिम्मेदारियों और बहुपक्षीय कूटनीति में बढ़ते कद को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में भारत की भूमिका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक प्रभावशाली होने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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