पटना में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ, दानापुर के रामजी चक से शुरू हुआ अभियान

पटना, 2 मई। जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा शुक्रवार को दानापुर निजामत नगर परिषद क्षेत्र के रामजी चक से जनगणना 2027 के प्रथम चरण का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रथम चरण के तहत मकानों का सूचीकरण तथा मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।

उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि शासन-प्रशासन के लिए नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। सटीक और अद्यतन आंकड़ों के आधार पर ही सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकती है।

जनगणना कार्य को सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए पटना जिले को दो प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित किया गया है। पटना नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी नगर आयुक्त को सौंपी गई है, जबकि शेष जिले, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र एवं अन्य नगर निकाय शामिल हैं, के कुल 40 चार्जों का दायित्व जिला पदाधिकारी स्वयं प्रधान जनगणना अधिकारी के रूप में निभा रहे हैं।

जिले में जनगणना के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारी की गई है। कुल 8,114 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) बनाए गए हैं, ताकि जिले के प्रत्येक घर तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

मैदानी स्तर पर आंकड़ों के संग्रहण के लिए 7,963 प्रगणकों की तैनाती की गई है। ये प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों से आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इसके साथ ही 1,343 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो प्रगणकों के कार्य की निगरानी करेंगे तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे।

किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 899 प्रगणकों और 154 पर्यवेक्षकों का एक रिजर्व पूल भी तैयार रखा गया है। यह व्यवस्था कार्य की निरंतरता बनाए रखने तथा आपात स्थिति में त्वरित प्रतिस्थापन सुनिश्चित करने में सहायक होगी।

जिला पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्होंने स्व-गणना कर ली है, तो प्रगणक के आगमन पर अपना संदर्भ संख्या अवश्य साझा करें। इससे आंकड़ों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज और सरल हो सकेगी।

उन्होंने नागरिकों द्वारा साझा की गई जानकारी की गोपनीयता को लेकर भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सभी आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे और उनका उपयोग केवल सरकारी नीतियों तथा विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। सही आंकड़ों के आधार पर संसाधनों का बेहतर वितरण संभव होगा और क्षेत्रवार आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं बनाई जा सकेंगी।

जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे प्रगणकों का सहयोग करें, सही एवं सटीक जानकारी दें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। साथ ही मीडिया से जनजागरूकता फैलाने और लोगों को इस अभियान के प्रति प्रेरित करने का आग्रह किया।

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