मई दिवस पर पटना समेत बिहारभर में ऐक्टू के कार्यक्रम, मजदूरों की रिहाई से लेकर 4 लेबर कोड वापसी तक उठीं मांगें

पटना, 2 मई। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर ऐक्टू, महासंघ गोप गुट तथा विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने पटना समेत बिहार के कई जिलों में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए। राजधानी पटना में संयुक्त मार्च, सभा, झंडोत्तोलन, संगोष्ठी और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदर्शन कर मजदूरों की लंबित मांगों को जोरदार ढंग से उठाया गया।

पटना में शाम पांच बजे जीपीओ गोलंबर से बुद्ध स्मृति पार्क तक संयुक्त विरोध मार्च निकाला गया। मार्च में ऐटक, सीटू, इंटक, एआईयूटीयूसी, यूटीयूसी, टीयूसीसी सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मार्च के दौरान चार लेबर कोड रद्द करने, महंगाई और बेरोजगारी पर रोक लगाने तथा मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारे लगाए गए।

बुद्ध स्मृति पार्क के समक्ष आयोजित सभा में 1886 के शिकागो श्रमिक आंदोलन के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सभा को आरएन ठाकुर, चंद्र प्रकाश सिंह, दीपक भट्टाचार्य, रणविजय कुमार, सरोज चौबे, प्रेमचंद कुमार सिन्हा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

नेताओं ने नोएडा-मानेसर के गिरफ्तार मजदूरों एवं ट्रेड यूनियन नेताओं की बिना शर्त रिहाई, न्यूनतम दैनिक मजदूरी 1500 रुपये तय करने, आठ घंटे के बाद दोगुनी दर से ओवरटाइम भुगतान, ठेका-संविदा-मानदेय आधारित रोजगार व्यवस्था समाप्त करने तथा सभी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा लागू करने की मांग उठाई।

मार्च का नेतृत्व आरएन ठाकुर, रणविजय कुमार, गजनफर नवाब, चंद्र प्रकाश सिंह, एसके शर्मा, जितेंद्र कुमार, दीपक भट्टाचार्य, शशि यादव, सरोज चौबे, सूर्यकर जितेंद्र, अनामिका कुमारी, प्रेमचंद कुमार सिन्हा, रामबली प्रसाद, मुर्तजा अली सहित कई नेताओं ने किया।

इस अवसर पर पटना में ऐक्टू और महासंघ गोप गुट के कार्यालयों में झंडोत्तोलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। गोप गुट कार्यालय में प्रेमचंद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में संगोष्ठी हुई, जिसमें शशि यादव, रणविजय कुमार, आरएन ठाकुर, एसके शर्मा, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार यादव एवं निरंजन कुमार ने अपने विचार रखे।

वहीं, दीघा आईटीआई में आयोजित कार्यक्रम में एनपीएस और यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने तथा संविदा, ठेका और मानदेय प्रथा समाप्त करने की मांग उठाई गई।

दूसरी ओर फुलवारीशरीफ स्थित सुधा डेयरी, नालंदा बिस्कुट कंपनी और इमारत-ए-सरिया से जुड़े मजदूरों ने भी जुलूस निकालकर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। सुधा डेयरी मुख्य गेट पर आयोजित सभा को शशि यादव और रणविजय कुमार ने संबोधित किया। मजदूरों ने 10 माह से लंबित 9 सूत्री मांगों पर वार्ता, ओवरटाइम भुगतान, अवकाश, पहचान पत्र तथा खलासी कर्मियों को अर्धकुशल मजदूरी देने की मांग उठाई।

इस बीच रणविजय कुमार ने कहा, “ऐक्टू और महासंघ गोप गुट से जुड़े यूनियनों, खासकर आशा, आंगनबाड़ी, विद्यालय रसोइया संगठनों से जुड़े स्कीम कर्मियों ने मई दिवस पर पूरे राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने सरकारी कर्मी का दर्जा देने, स्कीम कर्मियों को स्थायी करने, मानदेय 10 हजार रुपये करने, सामाजिक सुरक्षा लागू करने, रिटायरमेंट पैकेज एवं पेंशन देने की मांग उठाई। साथ ही नोएडा मजदूर आंदोलन के समर्थन और 4 लेबर कोड के खिलाफ अपने-अपने कार्यस्थलों पर जोरदार प्रदर्शन किया।”

रणविजय कुमार ने आगे कहा, “चार लेबर कोड मजदूरों के लिए भुखमरी वाली मजदूरी और मालिकों की गुलामी वाला परमानेंट लॉकडाउन जैसा फरमान है।”

उन्होंने बताया, “ऐक्टू और इससे जुड़े यूनियनों ने भागलपुर, कटिहार, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, शेखपुरा, नालंदा, नवादा, गया, जहानाबाद, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, पूर्णिया सहित राज्य के कई जिलों में मई दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए और नोएडा मजदूरों की रिहाई तथा 4 लेबर कोड वापसी की मांग उठाई।”

मई दिवस पर हुए इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि मजदूरों के अधिकार, सम्मानजनक मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा के सवाल पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *