JHARKHAND : पूर्वी सिंहभूम जिले की मंईयां सम्मान योजना का लाभ ले रहीं 4068 अपात्र लाभुकों से होगी राशि की वसूली

 

द मीडिया टाइम्स डेस्क, 15 जून

 

Jamshedpur  News : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन के दौरान हजारों अपात्र लाभुकों की पहचान हुई है। प्रशासन ने 4,068 लाभुकों से राशि वसूली की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि गलत दस्तावेज देने वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है।

पूर्वी सिंहभूम जिले में गलत विवरण देकर या तथ्य छिपाकर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने वालों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। पूरी तरह अयोग्य पाई गई 4,068 लाभुकों से अब तक ली गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली (रिकवरी) करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए गलत ब्योरा और झूठे दस्तावेज देने के आरोप में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के बाद यह फैसला लिया गया। अब तक कुल 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इनमें से कई लाभुकों की मृत्यु हो चुकी है। इससे पहले भी एक पुरुष द्वारा योजना की राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया था,जिसके बाद पूरी राशि वापस कराई गई थी। इसके अलावा, मूल रूप से बिहार की रहने वाली 142 महिला लाभुकों को भी चिह्नित किया जा चुका है, जो नियम विरुद्ध यहां से लाभ ले रही थीं। उनसे भी राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिले के मंईयां सम्मान योजना के पंजीकृत लाभुकों की कुल संख्या 3,07,071 है। अब तक की जांच में 2,89,019 लाभुक को योग्य पाया गया है। फिलहाल 11,078 लाभुकों का सत्यापन होना बाकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बचे आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद ही जिले में मंईयां योजना के वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम और सटीक स्थिति सामने आ सकेगी। सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन में निर्धारित अर्हता (योग्यता) पूरी न करने वाले 6 हजार से अधिक लाभुकों को सूची से हटा दिया गया है। वर्तमान में लगभग 10 प्रतिशत सत्यापन का कार्य शेष है। यह प्रक्रिया पूर्ण होते ही अयोग्य लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक और रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। कुछ लाभुकों का नॉन डीबीटी का मामला था, उसका भुगतान रोका गया है।

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