द मीडिया टाइम्स डेस्क, 14 जून
Bihar News : बिहार में संगठित अपराध के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी क्रम में संगठित अपराध से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले माफियाओं के खिलाफ ईओयू ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू की अलग-अलग टीमों ने एक साथ प्रदेश के 25 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस महा-ऑपरेशन से पूरे राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इस पूरी कार्रवाई का मुख्य केंद्र पटना जिले का खुसरूपुर प्रखंड बना हुआ है। यहां ईओयू की विशेष टीम ने स्थानीय पैक्स अध्यक्ष और प्रखंड प्रमुख के पति संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन के कई ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। संतोष डॉन पर संगठित अपराध के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति बनाने का आरोप है।जांच का दायरा सिर्फ संजय कुमार तक सीमित नहीं है। ईओयू के सूत्रों के मुताबिक, उनके कई करीबी रिश्तेदार और कुछ अन्य रडार पर आये जनप्रतिनिधि भी इस जांच के दायरे में हैं। इन सभी लोगों के ठिकानों पर भी सुबह से ही तलाशी जारी है। टीम बैंक खातों, जमीनी दस्तावेजों और बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागजात खंगाल रही है। इस महा-छापेमारी को अंजाम देने के लिए ईओयू ने पूरी गोपनीयता और सुरक्षा के साथ 25 से अधिक विशेष टीमों को मैदान में उतारा। बिहार के कई जिलों में यह कार्रवाई एक साथ चल रही है, ताकि आरोपियों को संभलने या सबूत छिपाने का कोई मौका न मिले। संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई द्वारा की गई यह अब तक की सबसे व्यापक और सुनियोजित कार्रवाई मानी जा रही है। छापेमारी की इस कार्रवाई में भारी मात्रा में बेनामी संपत्ति और नकदी का खुलासा हुआ है।
