द मीडिया टाइम्स डेस्क, 5 जून
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। बिहार इलेक्ट्रिक वाहन संशोधन नीति 2026 का नाम दिया गया है। इस नीति के तहत अगर कोई महिला इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदती है तो उसे बिहार सरकार की तरफ से बारह हजार रुपये की सब्सिडी सीधे दी जाएगी। वहीं जो महिलाएं इलेक्ट्रिक चार पहिया गाड़ी यानी इलेक्ट्रिक कार खरीदेंगी उन्हें सरकार एक लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे महिलाओं के जीवन को स्टाइल और सुविधा से बदलने का सुनहरा अवसर बताया है और कहा है कि अब हर बहन को स्कूटी खरीदकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्होंने कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वित्त मंत्री के रूप में काम करने का अनुभव उनके लिए सुख और दुख दोनों लेकर आया है क्योंकि बजट की सीमाओं में रहते हुए हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ करना उनकी प्राथमिकता रही है। इस नई नीति को इसी सोच के साथ बनाया गया है ताकि महिलाएं सशक्त हों और साथ ही पर्यावरण को भी बचाया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक बिहार में बिकने वाले नए वाहनों में तीस प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की हो जाए। इससे हर साल करीब दस करोड़ लीटर पेट्रोल और डीजल की बचत होगी जिसका सीधा फायदा राज्य की अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब दोनों को मिलेगा। पेट्रोल डीजल पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण भी घटेगा और हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
सम्राट चौधरी ने सूरज घर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था शायद ही दुनिया के किसी कोने में या किसी देश में हो जहां सरकार इतनी बड़ी सब्सिडी दे रही हो। उन्होंने गर्व से कहा कि बिहार सरकार सबसे ज्यादा सब्सिडी देती है और इसी क्रम में बिजली की सब्सिडी के लिए भी तीन सौ सैंतालीस करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने पर भी सरकार विशेष जोर दे रही है ताकि लोगों को रेंज की चिंता न रहे। चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को भी अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा और केंद्र सरकार की पीएम ई ड्राइव योजना का लाभ भी दिलाया जाएगा। इस पूरी पहल का एक बड़ा उद्देश्य युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खोलना भी है क्योंकि इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहनों पर सामान्य वर्ग को पचास हजार और एससी एसटी वर्ग को साठ हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। इससे डिलीवरी और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को कम लागत में वाहन मिल जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भावुक होकर कहा कि महिलाओं को अब अपने फैसले खुद लेने चाहिए और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर न सिर्फ अपने परिवार का खर्च कम करना चाहिए बल्कि देश की तरक्की में भी हिस्सेदार बनना चाहिए। उन्होंने पूरे बिहार की बहनों से अपील की कि वे इस मौके को हाथ से न जाने दें क्योंकि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। इस योजना से न केवल महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आधुनिक और सस्ते परिवहन का विस्तार होगा। सम्राट चौधरी का यह ऐलान बिहार में महिला सशक्तिकरण और हरित परिवहन की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है और आने वाले समय में इसका असर सड़कों पर साफ दिखेगा।
