द मीडिया टाइम्स डेस्क, 3 जून
National News : दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर में बुधवार सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब हौज रानी स्थित एक होटल-रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनी की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हालात इतने डरावने थे कि कई लोगों ने नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी की इमारतों में फायर सेफ्टी इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। अब तक 37 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
चश्मदीदों के अनुसार हादसे की शुरुआत होटल के बाहर लगे बिजली के तारों से हुई। तारों के जाल में जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ। इसके बाद चिंगारी सीधे होटल की रसोई तक पहुंच गई। रसोई में मौजूद ज्वलनशील सामान ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते पूरी इमारत काली और घनी लपटों की चपेट में आ गई। उस वक्त होटल के कमरों में लोग सो रहे थे या सुबह के कामों में व्यस्त थे। धुएं के गुबार के कारण किसी को बाहर निकलने का रास्ता नजर नहीं आया।
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि हताहतों में विदेशी मेहमान भी शामिल हैं। नाइजीरिया और अन्य अफ्रीकी देशों से आए ये लोग पास के मैक्स अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे। इलाज के दौरान रुकने के लिए उन्होंने इस स्टे को चुना था। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस जगह को उन्होंने ठहरने के लिए चुना है, वही उनकी जिंदगी का आखिरी ठिकाना बन जाएगी।
हादसे के वक्त मौके पर चीख-पुकार मच गई थी। जब आग की लपटें बढ़ीं तो कुछ लोग जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल की खिड़कियों पर आ गए। स्थानीय निवासियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने जमीन पर मोटे गद्दे बिछा दिए ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों की जान बच सके। कई लोग खिड़की से नीचे कूदे भी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि जब लोग नीचे भागने की कोशिश कर रहे थे, तब बेसमेंट के मुख्य निकास द्वार पर ताला जड़ा हुआ था।
हादसे की सूचना मिलते ही साउथ दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल पुलिस टीम के साथ पहुंचे। दमकल विभाग की 8 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत और बचाव दल ने खिड़कियां और दीवारें तोड़कर 40 से अधिक लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। राहत कार्य अभी भी जारी है और पुलिस मामले की कानूनी जांच कर रही है।
