एक साल तक सोना मत खरीदें… PM मोदी की अपील पर तेजस्वी और रोहिणी का हमला, बिहार में गरमाई सियासत

द मीडिया टाइम्स डेस्क

 

पटना, 11 मई | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना खरीदने और तेल की खपत कम करने की अपील के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री के बयान को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव खत्म होने के बाद अब जनता को आर्थिक कटौती और बचत का संदेश दिया जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे देशहित से जुड़ी अपील बता रहा है।

 

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुराना और नया वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए उस बयान का जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर “मंगलसूत्र छीनने” जैसे आरोप लगाए थे। इसके साथ उन्होंने हालिया बयान को जोड़ते हुए कहा कि अब जनता को सोना खरीदने से बचने की सलाह दी जा रही है।

 

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, “समय अब सच और झूठ का हिसाब कर रहा है। जनता को आखिर कब तक भ्रमित किया जाएगा?” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई।

 

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश की अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा बचत और आयात पर निर्भरता कम करने के संदर्भ में लोगों से सोने की खरीदारी सीमित रखने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों को जरूरत के हिसाब से खर्च करने, ऊर्जा बचत पर ध्यान देने और घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग की सलाह दी थी।

 

इसी मुद्दे पर आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने भी लंबी पोस्ट लिखकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही प्रधानमंत्री “प्रवचन मोड” में आ गए हैं। रोहिणी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को बचत और कटौती की सलाह देती है, लेकिन खुद उस पर अमल नहीं करती।

 

रोहिणी आचार्य ने कहा, “जनता को खर्च कम करने की सलाह दी जा रही है, लेकिन सरकार खुद बड़े-बड़े कार्यक्रमों, विदेशी दौरों और विशेष विमानों पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। पहले सरकार खुद उदाहरण पेश करे।”

 

विपक्ष का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और आर्थिक दबाव के बीच इस तरह के बयान लोगों की चिंता बढ़ाने वाले हैं। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए की गई है।

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री के बयान पर शुरू हुई यह बहस आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। खासकर बिहार जैसे चुनावी माहौल वाले राज्यों में इस मुद्दे को विपक्ष जनता से जोड़कर बड़ा राजनीतिक विषय बनाने की कोशिश कर सकता है।

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