भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने शुभांशु शुक्ला

भारत एक बार फिर इतिहास रचाने जा रहा है, क्योंकि शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वह भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे। इससे पहले साल 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाकर देश का नाम रोशन किया था।
शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी पायलट और अंतरिक्ष विज्ञान में प्रशिक्षित भारतीय वायुसेना के अधिकारी हैं। उन्होंने गगनयान मिशन के लिए इसरो और भारतीय वायुसेना के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया है। यह मिशन भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन होगा।

राकेश शर्मा ने शुभांशु को शुभकामनाएं देते हुए कहा:यह क्षण भारत के लिए गर्व का विषय है। शुभांशु न केवल भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे, बल्कि वह देश की तकनीकी क्षमताओं का प्रतीक भी हैं।”
राकेश शर्मा ने यह भी कहा कि उन्हें याद है जब वे पहली बार अंतरिक्ष में गए थे, तो भारत की मिट्टी की खुशबू उन्हें बहुत याद आई थी। उन्होंने शुभांशु को मानसिक रूप से मजबूत बने रहने और मिशन पर फोकस बनाए रखने की सलाह दी।
गगनयान मिशन के तहत शुभांशु को पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में भेजा जाएगा।

यह मिशन पूरी तरह से भारतीय रॉकेट और तकनीक के जरिये संचालित होगा।मिशन में तीन सदस्य जाने हैं, लेकिन शुभांशु मुख्य अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुने गए हैं।
देशभर में इस मिशन को लेकर जबरदस्त उत्साह है। स्कूलों, कॉलेजों और विज्ञान संस्थानों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति प्रेरित किया जा सके।
-4 mission Launch Date: 25 जून 2025 को भारत का एक और सितारा अंतरिक्ष की सैर पर निकल गया. 39 साल के शुभांशु शुक्ला आज फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से SpaceX के फाल्कन-9 रॉकेट पर सवार होकर अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगे. वो भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे, जिन्हें ये मौका मिला है. उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराया था. एक मीडिया से बातचीत में राकेश शर्मा ने बातचीत में शुभांशु को शुभकामनाएं दीं और कई दिलचस्प बातें कही हैं.

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