बिहार के पटना में बनेगा देश का पहला और दुनिया का चौथा एनर्जी म्यूज़ियम, सरकार खर्च करेगी 200 करोड़|

बिहार की राजधानी पटना में एक बड़ा और ऐतिहासिक परियोजना शुरू होने जा रही है। करबिगहिया स्थित बंद पड़े थर्मल पावर प्लांट की जमीन पर देश का पहला और दुनिया का चौथा ऊर्जा (एनर्जी) म्यूज़ियम बनाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग ₹200 करोड़ खर्च किए जाने का अनुमान है, जिससे यह बिहार के विकास की स्वास्थ्य और पर्यटन परियोजनाओं में एक नई मिसाल बनेगा।

कहाँ बनेगा यह संग्रहालय?

यह अनोखा ऊर्जा म्यूज़ियम पटना के करबिगहिया थर्मल पावर स्टेशन की लगभग 3 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। यह वही जगह है जहाँ पहले बिजली उत्पादन हुआ करता था और अब इसे नए रूप में सजाया जाएगा ताकि भविष्य की पीढ़ियों को ऊर्जा के इतिहास और विकास का ज्ञान मिल सके।

क्या-क्या होगा म्यूज़ियम में?

परियोजना में शामिल होंगे:

  • शक्तिपूर्ण प्रदर्शनी जिसमें बिजली उत्पादन का ऐतिहासिक और तकनीकी विकास दिखाया जाएगा

  • पुराने उपकरण और दुर्लभ मशीनें जैसे शुरुआती पावर जनरेशन यूनिट्स

  • डिजिटल और 3D मॉडलिंग से ऊर्जा का विज्ञान और उत्पादन प्रक्रिया समझाई जाएगी

  • ओपन थिएटर जहाँ आगंतुकों को ऊर्जा के इतिहास की कहानी वर्चुअल और डिजिटल तकनीक से दिखाई जाएगी

  • बच्चों और युवा छात्रों के लिए शैक्षिक इंटरैक्टिव ज़ोन होंगे जो तकनीक को आसान तरीके से समझाएंगे

क्या खास बात है इस म्यूज़ियम की?

यह संग्रहालय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • यह भारत का पहला समर्पित ऊर्जा म्यूज़ियम होगा

  • और दुनिया में सिर्फ तीसरे स्थान के अलावा चौथा ऐसा म्यूज़ियम माना जाएगा

  • वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और पावर इतिहास को दिखाने वाले संग्रहालयों में शामिल होने वाला यह पहला मौका है

दुनिया में इसी तरह के ऊर्जा/पावर संग्रहालय कुछ प्रमुख स्थानों पर हैं जैसे:

  • शंघाई (चीन)

  • ऑस्ट्रेलिया के पावर हाउस म्यूज़ियम

  • अमेरिका के कूल स्प्रिंग पावर म्यूज़ियम
    ये सभी अनोखे ऊर्जा और तकनीक के इतिहास को दर्शाते हैं, और अब पटना का यह म्यूज़ियम भी इसी वैश्विक सूची में शामिल होगा।

सरकार का उद्देश्य और महत्व

सरकार का कहना है कि यह संग्रहालय न केवल शैक्षणिक और शोध के उद्देश्य से होगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। यह पटना को एक नई पहचान देगा जहाँ ऊर्जा के इतिहास, तकनीक और विज्ञान को आधुनिक रूप में देखा और समझा जा सकेगा। परियोजना के लिए अब जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है।

सार

पटना के करबिगहिया में बनने वाला यह ऊर्जा म्यूज़ियम:

  • देश का पहला

  • दुनिया का चौथा ऊर्जा/पावर संग्रहालय होगा

  • लगभग ₹200 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा

  • यह ऊर्जा की उत्पत्ति, इतिहास और आधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित करेगा

  • साथ ही यह राज्य में शिक्षा, पर्यटन और अनुसंधान को बढ़ावा देगा

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