US-IRAN : अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर बनी सहमति, ट्रंप की घोषणा के बाद तेल बाजार में नरमी

 

द मीडिया टाइम्स डेस्क, 15 जून

International News : पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान दोनों देशों ने शांति समझौते पर सहमति बनने का दावा किया है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों, कूटनीतिक गलियारों और ऊर्जा क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद जहां तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं कई देशों ने इस समझौते का स्वागत भी किया।ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि तेहरान प्रस्तावित 60 दिन की वार्ता अवधि में अंतिम समझौते के लिए तभी प्रवेश करेगा, जब वह शत्रुता समाप्त करने, नाकाबंदी हटाने और ईरानी संपत्तियों को जारी करने संबंधी वॉशिंगटन की प्रतिबद्धताओं का सत्यापन कर लेगा। ईरान के सरकारी संबद्ध प्रेस टीवी के अनुसार, गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को होगा, जिसके बाद समझौता ज्ञापन (MoU) सार्वजनिक किया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पूरी तरह मुकम्मल हो गया है। इस बड़े फैसले के साथ ही ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए फिर से खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने का हुक्म जारी कर दिया है। इस बड़े ऐलान के बाद ईरान की हुकूमत ने भी इस समझौते पर अपनी रजामंदी की मुहर लगा दी है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने साफ किया है कि तेहरान इस प्रस्तावित 60 दिनों की बातचीत के सिलसिले में तभी आगे बढ़ेगा, जब अमेरिका जंग खत्म करने, आर्थिक व नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह हटाने और जब्त की गई ईरानी संपत्तियों व फंड को आजाद करने के अपने वादों को मुस्तैदी से पूरा करेगा। इस समझौते पर आने वाली 19 जून को दस्तखत होने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली तकनीकी वार्ताओं का समर्थन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब ध्यान समझौते को प्रभावी रूप से लागू करने पर होना चाहिए, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह और स्थायी रूप से खुला रह सके। स्टार्मर ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस जलमार्ग में “टोल-फ्री नेविगेशन” की सुविधा तुरंत बहाल की जानी चाहिए, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को स्थिरता मिल सके।

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