BIHAR OFFICERS TRASFER : बिहार राजस्व सेवा के 61 अफसर इधर से उधर, भूमि सर्वेक्षण अभियान को मिलेगी गति

 

दी मीडिया टाइम्स डेस्क, 5 जून

Bihar News : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा के 61 अधिकारियों के तबादले और प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है। इस व्यापक फेरबदल को राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण अभियान को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विभिन्न जिलों और बंदोबस्त कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। सरकार का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड के अद्यतन, सर्वेक्षण कार्य में तेजी और राजस्व प्रशासन को अधिक मजबूत बनाना बताया जा रहा है। लंबे समय से चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए अनुभवी अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बदली गई हैं। इस प्रशासनिक बदलाव के तहत 23 सहायक बंदोबस्त पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। वहीं 18 जिला भू अर्जन पदाधिकारियों को विभिन्न जिला बंदोबस्त कार्यालयों में प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि भूमि सर्वेक्षण और अभिलेख सुधार कार्य में तेजी लाई जा सके। इसके अलावा 20 राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो का भी तबादला कर उन्हें बंदोबस्त कार्यालयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। तबादलों की सूची में एक महत्वपूर्ण नाम राजेश कुमार सिंह का भी है। उन्हें हाल ही में जिला भू अर्जन पदाधिकारी के रूप में शिवहर भेजा गया था, लेकिन अब विभाग ने उन्हें वापस मुख्यालय बुला लिया है। इस निर्णय को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मानना है कि विशेष भूमि सर्वेक्षण बिहार सरकार की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल है। भूमि विवादों को कम करने, रिकॉर्ड को डिजिटल और अद्यतन बनाने तथा आम लोगों को भूमि संबंधी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में अधिकारियों की नई तैनाती से कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन दोनों में सुधार आने की उम्मीद है। इसी बीच राज्य सरकार का एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला भी लागू हो गया है। एक जून से बिहार में 10 कर्मियों तक वाले प्रतिष्ठानों को निबंधन की अनिवार्यता से छूट दे दी गई है। इससे छोटे कारोबारियों और सूक्ष्म उद्यमों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।कुल मिलाकर, राजस्व विभाग में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को सरकार की उस रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए भूमि सर्वेक्षण, रिकॉर्ड प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाकर आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। आने वाले दिनों में इन तबादलों का असर जमीन से जुड़े सरकारी कार्यों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

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