द मीडिया टाइम्स डेस्क, 2 जून
CM Samrat Choudhary : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राबड़ी देवी के बंगला विवाद पर बगैर नाम लिए कहा कि कुछ लोगों को सरकारी आवास से मोह है। माता जी के लिए अलग, बेटा के लिए अलग आवास चाहिए। मुख्यमंत्री ने शेखपुरा में एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की।सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को चिंता लगती है कि हमारा घर बचा रहे। मैं तो पिछले 10 वर्षों से 2016 से लेकर 2026 तक कई बार मंत्री बना। कई बार उप मुख्यमंत्री बना। बिहार का गृह मंत्री भी बना। लेकिन मैं सरकारी घर में नहीं रहता था। मैं मात्र 2400 स्क्वॉयर फीट के अपने घर में रहने का काम करता हूं। लेकिन आज पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने मुझे बिहार की सेवा करने का मौका दिया। सीएम सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी एक मई को अपना घर खाली करके दूसरे घर में चले गए। ये है राजनीतिक शुचिता का उदाहरण। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा कि ये मुख्यमंत्री आवास जरूर है। लेकिन आप ये बाहर में लिखवा दीजिए कि ये लोकसेवक का आवास है। यह किसी की बपौती नहीं हो सकती। ये राजतंत्र थोड़े है कि जहां जो घर मिला उसी में रहेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसके बाद राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दोनों का नाम लिए बगैर उन्हें खूब सुनाया। उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी को छोड़ दीजिए। आज मैं जिस घर में हूं, ये मेरा 11वां घर है। इससे पहले सभी घरों (सरकारी आवास) में सिर्फ मैंने कार्यालय चलाने का काम किया। कुछ लोगों को मोह है। बेटा को घर अलग चाहिए। माता जी को अलग चाहिए और जनता को छोड़ दो। अरे हमलोग जनता के काम के लिए आए हैं। लोगों को अपने घर की चिंता छोड़ देनी चाहिए। जिस दिन पार्टी का आदेश हुआ, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि सम्राट चौधरी 24 घंटे में अपना झोला उठाकर अपने प्राइवेट घर में चला जाएगा।
