BIHAR HEALTH स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का सीएमओ को अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध इलाज सुनिश्चित कराने का निर्देश 

 

द मीडिया टाइम्स, 1 जून

Bihar news : बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी सभी प्रमंडलों के क्षेत्रीय अपर निदेशक, सभी जिलों के सिविल सर्जन एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक हुई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी सिविल सर्जनों और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए “May I Help You” हेल्प डेस्क की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पंजीकरण काउंटरों की पर्याप्त व्यवस्था, टोकन डिस्प्ले सिस्टम के माध्यम से कतार प्रबंधन तथा रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी एवं औषधि वितरण केंद्रों पर सुचारु सेवाएं सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि जिला अस्पतालों में आगामी 15 जुलाई से रेफरल प्रणाली को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को यथासंभव स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर ही उच्च संस्थानों में रेफर किया जाए, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके।

निशांत ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें, ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराएं तथा सभी चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) तैयार कर उसे BHAVYA पोर्टल से मैप करें। स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के लिए माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य एवं जिला स्तरीय टीमों को नियमित औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देशित किया कि जिला अंतर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सीय उपकरणों की क्रियाशीलता तथा ओपीडी, आईपीडी, वार्ड, शौचालय एवं अस्पताल परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों को गुमराह करने वाले बिचौलियों एवं दलालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करें।

इस बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मरीजों का आभा (ABHA) आधारित ओपीडी पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड का प्रभावी संधारण हो सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने सात निश्चय पार्ट-3 के अंतर्गत स्वास्थ्य अवसंरचना को और सुदृढ़ बनाने के लिए जिला अस्पतालों को अतिविशिष्ट चिकित्सा केंद्र तथा 332 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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