द मीडिया टाइम्स डेस्क, 1 जून
Bihar bus fares news : बिहार में अब यात्रा करना और सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना महंगा होने वाला है। बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी है कि 1 जून से राज्यभर में बसों के साथ-साथ सभी व्यावसायिक वाहनों के किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू हो जाएगी। इस फैसले का सीधा असर आम आदमी की जेब और उनकी रसोई के बजट पर पड़ना निश्चित है।
फेडरेशन के अध्यक्ष उदय प्रसाद सिंह ने इस बदलाव के कारणों को विस्तार से समझाया है। उन्होंने बताया कि किराया वृद्धि का आखिरी फैसला वर्ष 2021 में लिया गया था।पिछले तीन वर्षों में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगातार तेजी आई है। साथ ही वाहनों के स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस के खर्च भी काफी बढ़ गए हैं। वाहन मालिकों के लिए पुराने किराए पर गाड़ियां चलाना घाटे का सौदा साबित हो रहा था।

परिवहन विभाग ने इस बार यात्रा की दूरी के अनुसार किराया निर्धारित किया है। 50 किलोमीटर तक की छोटी यात्राओं पर 15% की बढ़ोतरी होगी वहीं 300 किलोमीटर से अधिक की लंबी यात्राओं के लिए किराया 10% महंगा होगा। नई दरों के तहत साधारण बसों का किराया अब 1.71 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है। सरकारी सिटी बसों के किराये में 1 रुपये से लेकर 15 रुपये तक की वृद्धि की गई है। वहीं लंबी दूरी के सरकारी रूटों पर 20 रुपये से 100 रुपये तक किराया बढ़ाया गया है।
निजी बसों की बात करें तो पटना से मुजफ्फरपुर जाने वाली नॉन एसी बस का किराया 130 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है। यह सबसे कम बढ़ोतरी वाले रूटों में शामिल है। दूसरी ओर पटना से टाटा जाने वाली एसी स्लीपर बस के किराये में सबसे अधिक 200 रुपये की वृद्धि की गई है। इस रूट पर अब यात्रियों को 1000 रुपये के बजाय 1200 रुपये चुकाने होंगे।
केवल साधारण बसें ही नहीं बल्कि एसी और प्रीमियम गाड़ियां भी महंगी हो गई हैं। एसी डीलक्स और सामान्य एसी बसों का किराया अब 2.30 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। इसके अलावा वॉल्वो और मर्सिडीज जैसी लक्जरी बसों का किराया बढ़ाकर 2.88 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है। रविवार को पटना में फेडरेशन की बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मालवाहक वाहनों और ऑटो का भाड़ा भी इसी अनुपात में बढ़ाया जाएगा।
