
द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 27 मई : बिहार में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। राज्य के भ्रष्ट सरकारी सेवकों और अधिकारियों के खिलाफ ब्यूरो की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की है, जिसके तहत अगले महीने यानी जून के अंत तक 80 भ्रष्ट लोकसेवकों को रंगे हाथ दबोचने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खुद का ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में निगरानी ब्यूरो

इस बड़े अभियान की आधिकारिक जानकारी खुद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक (DG) जितेंद्र सिंह गंगवार ने दी है। उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में ब्यूरो इस साल एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। डीजी ने कहा कि इस वर्ष हमारा मुख्य उद्देश्य अपने ही पिछले साल के उस रिकॉर्ड को तोड़ना है, जो हमने भ्रष्ट लोकसेवकों के विरुद्ध की गई दंडात्मक कार्रवाई के दौरान बनाया था।
डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि इस तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग द्वारा एक बेहद गोपनीय और फुलप्रूफ एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है, जिस पर विभाग की कई विशेष टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। उन्होंने कड़े लहजे में भ्रष्ट अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मामला चाहे छोटा हो या बड़ा, और दोषी चाहे किसी भी रसूखदार विभाग से जुड़ा हो, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। निगरानी की टीमें पूरी मुस्तैदी से जाल बिछाकर ऐसे सफेदपोश अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए मुस्तैद हैं।
इस बड़ी मुहिम को सफल बनाने और जमीनी स्तर पर रिश्वतखोरी को जड़ से मिटाने के लिए महानिदेशक ने सूबे की आम जनता से भी आगे आने का आह्वान किया है। उन्होंने बिहार वासियों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी पूरी ताकत के साथ भ्रष्टाचार को ना कहें। अगर राज्य का कोई भी सरकारी कर्मचारी, क्लर्क या बड़ा अधिकारी किसी भी सरकारी काम के बदले आपसे सीधे या परोक्ष रूप से घूस (रिश्वत) की मांग करता है, तो बिना डरे तत्काल इसकी जानकारी हमारे ब्यूरो कार्यालय को दें।
महानिदेशक ने जनता को आश्वस्त किया कि घूसखोरी से जुड़ी शिकायत मिलने पर निगरानी विभाग की टीम सबसे पहले उस सूचना और मामले का सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराएगी। शिकायत सही पाए जाने पर तुरंत जाल बिछाकर भ्रष्ट लोकसेवक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि सूचना देने वाले सजग नागरिकों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी, ताकि वे बिना किसी भय के समाज को इस कोढ़ से मुक्त कराने में अपनी अहम भागीदारी निभा सकें।
