द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 23 मई : पूर्व सासंद आनंद मोहन के बगावती तेवर के बाद उनके पूत्र विधायक चेतन आनंद को उप मंत्री का दर्जा देने का फैसला बिहार सरकार ने किया है। चेतन आनंद फिलवक्त जदयू विधायक हैं। सम्राट मंत्रिमंडल में जगह नहीं दिये जाने के कारण चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन नाराज चल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चेतन आनंद को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का सदस्य नियुक्त किया है। इनके साथ ही मोकामा विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को भी सदस्य नियुक्त किया गया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गरम है। यह समिति हाल ही में पुनर्गठित की गई है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे, जबकि उपाध्यक्ष के रूप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को सौंपी गई है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार इस समिति के सदस्यों को उप मंत्री का दर्जा मिलेगा। समिति में कुल 12 सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें कई विधायक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली चेहरे हैं। चेतन आनंद के अलावा संगीता कुमारी, भरत बिंद, मुरारी प्रसाद गौतम, सिद्धार्थ सौरव, ललन कुमार मंडल, प्रहलाद यादव, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह जैसे नाम शामिल हैं।सरकारी अधिसूचना के अनुसार इस समिति के सदस्यों को उप मंत्री का दर्जा मिलेगा। यानी विधायक या एमएलसी होने की स्थिति में उन्हें पहले से मिल रही सुविधाओं के साथ अतिरिक्त सरकारी लाभ भी प्राप्त होंगे। वहीं उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री के बराबर सुविधाएं दी जाएंगी।
