द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 16 मई : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को भूमि सुधार विभाग की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पूरे बिहार में विशेष अभियान चलाकर भूमि सर्वे का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भूमि परिमार्जन (म्यूटेशन) का कार्य किसी भी स्थिति में निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो अधिकारी इस कार्य में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भूमि सर्वे के कार्य में तेजी लाई जाए और इसे राज्य स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
बैठक के बाद भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार का मानना है कि बिहार में भूमि विवादों के कारण हत्या और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भूमि सर्वे और परिमार्जन का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाना आवश्यक है।
मंत्री ने बताया कि सरकार लैंड बैंक, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और सर्वे कार्य को प्राथमिकता दे रही है, ताकि भूमि संबंधी विवादों को जड़ से समाप्त किया जा सके।
सरकार की इस पहल को बिहार में भूमि सुधार व्यवस्था को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य डिजिटल और पारदर्शी भूमि प्रबंधन व्यवस्था लागू कर किसानों एवं आम नागरिकों को भूमि संबंधी समस्याओं से राहत दिलाना है।
