द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 16 मई : बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के राज्य सामान्य परिषद एवं जिला सामान्य परिषद के निर्णयानुसार शनिवार को सीएस के समक्ष प्रदर्शन एवं धरना आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के सचिव को 26 सूत्री मांग पत्र प्रेषित किया गया। गर्दनीबाग धरना स्थल पर प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला अध्यक्षा कल्पना सिन्हा ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। संघ के जिला मंत्री अमित कुमार मिश्रा ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि परिचारिका श्रेणी ए जीएनएम, एएनएम, लिपिक सहित अन्य संवर्गों के कर्मियों का पदोन्नति किए बिना सामूहिक स्थानांतरण करने की तैयारी की जा रही है, जिसका संघ पुरजोर विरोध करता है।
धरना के माध्यम से बिहार सरकार से एनपीएस एवं यूपीएस समाप्त कर सभी कर्मचारियों को 1 सितंबर 2005 से पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की गई। साथ ही एनपीएस के तहत काटी गई राशि कर्मचारियों के खाते में स्थानांतरित करने, स्वास्थ्य कर्मियों को पदोन्नति का लाभ देने, एनएचएम कर्मियों के कार्य बहिष्कार अवधि का मानदेय भुगतान करने तथा एएनएम को मातृत्व अवकाश की सुविधा देने की मांग भी उठाई गई।
संघ ने संविदा कर्मियों को नियमित करने, गृह जिला में पदस्थापन, अवकाश संबंधी अधिकारों में सुधार तथा अनुभव आधारित सक्षमता परीक्षा लागू करने की भी मांग सरकार से की। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मियों में आक्रोश है।
सभा को सहायक जिला मंत्री दिनेश कुमार, शोभा कुमारी, मानद सदस्य विश्वनाथ सिंह, मुख्य संरक्षक मो. लुकमान, संयुक्त मंत्री लाल बहादुर सिंह, संघर्ष मंत्री शिवेन्द्र कुमार, महिला उप समिति की संयोजिका राखी कुमारी, उपाध्यक्ष विद्यासागर सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
