द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 14 मई : पटना : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उस समय सामने आ गई, जब सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल और जिला स्वास्थ्य प्रबंधक विवेक सिंह ने सबलपुर सदर पीएचसी, फतुहा पीएचसी और दनियावां स्थित सामुदायिक भवन का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर कमियां और लापरवाहियां उजागर हुईं।
निरीक्षण के दौरान तीनों स्वास्थ्य संस्थानों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद मिले। सबलपुर और फतुहा पीएचसी में ओपीडी सेवाएं संचालित हो रही थीं, लेकिन व्यवस्थाओं की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। वहीं दनियावां में नया भवन तैयार होने के बावजूद अब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सबलपुर पीएचसी में पैथोलॉजिकल जांच की संख्या बेहद कम पाई गई, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर स्थिति का संकेत माना गया। दूसरी ओर फतुहा पीएचसी में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र वितरण में भारी सुस्ती देखने को मिली। इस पर अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया।
निरीक्षण टीम ने तोप गांव के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा मदारीचक दलित बस्ती का भी दौरा किया। यहां टीकाकरण और गार्डासील वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता की कमी सामने आई। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को गांवों में जागरूकता अभियान तेज करने का निर्देश दिया।
सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बढ़ती गर्मी को देखते हुए हीट वेव से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने को कहा। निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में अब भी कई स्तरों पर सुधार की जरूरत बनी हुई है।
