द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 9 मई | राजधानी पटना में शुक्रवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने शहर की रफ्तार थाम दी। करीब 140 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। शहर में 30 से अधिक पेड़ गिर गए, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और कई जगहों पर बिजली तथा यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। इस बीच गर्दनीबाग अस्पताल परिसर में भी बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जब सीएस कार्यालय के पास खड़े दो पुराने पेड़ अचानक गिर पड़े।
गिरे हुए पेड़ों की चपेट में आने से अस्पताल परिसर में खड़ी एक कार और छह बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं लगातार बारिश के कारण परिसर में जलजमाव हो गया। पानी में करंट फैलने की आशंका की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया और देर रात तक अधिकारी मौके पर डटे रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारी और कर्मचारी अस्पताल परिसर के बाहर सड़क पर ही कुर्सी लगाकर निगरानी करते रहे। सिविल सर्जन के निर्देश पर बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को तुरंत सूचना दी गई ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और अस्पताल परिसर में सावधानी बरतने की अपील की।
बिजली बाधित होने और मौसम खराब रहने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अस्पताल का निरीक्षण करती रही। मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल की व्यवस्थाओं को पूरी रात दुरुस्त करने का काम चलता रहा। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को भी सक्रिय रखा ताकि किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।
शनिवार देर शाम वन विभाग की मदद से गिरे हुए पेड़ों को हटाया गया, जिसके बाद अस्पताल परिसर में आवागमन फिर से सामान्य हो सका। तूफान के बाद स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और अधिकारियों की सक्रियता को लेकर लोगों ने राहत की सांस ली।
