पटना, 6 मई |भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और विद्यालय प्रधानों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों की अनदेखी नहीं करेंगे और पढ़ाई के साथ-साथ जनगणना कार्य का भी सुचारु संचालन सुनिश्चित करेंगे।
जारी आदेश के अनुसार 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाना है। इसके लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों को प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि जनगणना देश का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके आधार पर सरकार विभिन्न योजनाएं और नीतियां तय करती है। वहीं दूसरी ओर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में दोनों कार्यों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
विभाग ने सभी प्रतिनियुक्त शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहें और नियमित पठन-पाठन को प्रभावित किए बिना जनगणना कार्य पूरा करें। विद्यालय प्रधानों को भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों और शिक्षकों के बीच आपसी समन्वय के साथ कार्यों का उचित विभाजन किया जाए।
कार्यालय आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या समन्वय की कमी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विधिसम्मत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) डॉ. मो. जमाल मुस्तफा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
शिक्षा विभाग के इस निर्देश के बाद अब शिक्षकों के सामने पढ़ाई और जनगणना, दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ प्रभावी ढंग से निभाने की चुनौती होगी।
