रांची: (4 फरवरी) झारखंड के पलामू जिले के कुसडी गांव में पिछले सप्ताह हुए एक भयावह हत्या कांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मृत दंपती और उनके पुत्र की हत्या उस शक के चलते की गई कि वे जादू-टोना या वशीकरण का अभ्यास करते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस मामले के दो मुख्य आरोपी प्रमोद भुइयां (26) और रवींद्र भुइयां (30) को गिरफ्तार किया गया है। घटना पांकी थाना क्षेत्र के कुसडी गांव में हुई थी। आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की गई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किया गया है। मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।”
स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक परिवार गांव में सम्मानजनक जीवन जीता था, लेकिन कुछ लोगों ने उन पर जादू-टोना और काले कर्म के आरोप लगाना शुरू कर दिया था। पुलिस ने कहा कि यह मामला अंधविश्वास और गलत फहमी के कारण घटित हिंसा का एक दुखद उदाहरण है।
विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता की ओर इशारा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के मामले अक्सर बिना किसी ठोस सबूत या कानूनी प्रक्रिया के व्यक्ति विशेष को निशाना बनाते हैं और इससे परिवारों का विनाश हो जाता है।
पलामू जिले में इस प्रकार के जादू-टोना और तंत्र-मंत्र के शक के चलते हिंसक घटनाओं की रिपोर्ट समय-समय पर सामने आती रही हैं। पुलिस इस घटना को गंभीरता से ले रही है और आरोपी को न्याय के कटघरे में लाने के लिए त्वरित कार्रवाई कर रही है।
घटना ने स्थानीय समुदाय में डर और आक्रोश दोनों फैला दिया है। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के अंधविश्वास पर आधारित कार्रवाई से बचने की अपील की है।
जांच अधिकारियों ने कहा कि आगे की जांच में मृतक परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी और यह देखा जाएगा कि हत्या के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि भविष्य में ऐसे अंधविश्वास पर आधारित हिंसक कृत्यों को रोका जा सके।