मुंबई: (4 फरवरी) देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से एक दुखद खबर सामने आई है। आईआईटी बॉम्बे के एक 21 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर हॉस्टल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार तड़के करीब 1 बजे मुंबई के पवई इलाके में स्थित आईआईटी बॉम्बे परिसर के एक हॉस्टल में हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक छात्र संस्थान में स्नातक पाठ्यक्रम का विद्यार्थी था और हॉस्टल में रह रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र ने देर रात हॉस्टल की छत से छलांग लगाई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पवई पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और छात्र के दोस्तों, सहपाठियों और हॉस्टल के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि छात्र किसी प्रकार के मानसिक दबाव, शैक्षणिक तनाव या व्यक्तिगत समस्याओं से गुजर रहा था या नहीं।
इस घटना के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में शोक का माहौल है। छात्र समुदाय और फैकल्टी सदस्यों में गहरी संवेदना देखी जा रही है। संस्थान प्रशासन ने छात्र की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वे इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े हैं। प्रशासन ने यह भी बताया कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग और सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा, भविष्य की अनिश्चितता और व्यक्तिगत दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में संस्थानों और समाज दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे छात्रों को भावनात्मक और मानसिक सहयोग प्रदान करें।
यदि कोई छात्र या व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा है, तो विशेषज्ञों से बात करना और मदद लेना बेहद जरूरी है। समय पर सहयोग और संवाद कई जीवन बचा सकता है